उत्तराखण्ड

चम्पावत में खेत में उतरे DM मनीष कुमार

Champawat में उस समय अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली जब जिलाधिकारी Manish Kumar खुद खेत में उतरकर महिला किसानों के साथ गेहूं की फसल काटते नजर आए। तहसील चम्पावत के ग्राम कनलगांव में डीएम ने कृषक सुभाष ताडागी के खेत में पहुंचकर गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग की और फसल उत्पादन क्षमता का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों और किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने खेत में कार्य कर रही महिला कृषकों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। महिलाओं ने खेती से जुड़ी दिक्कतों और कृषि उपकरणों की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। इस पर डीएम ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि महिला किसानों को पावर टीलर समेत आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती के कार्यों को आसान बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों को उन्नत मडुवा बीज और कृषि यंत्र भी वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कृषि एवं सांख्यिकी विभाग की वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत खेत में 30 वर्ग मीटर के दो प्लॉट चिन्हित कर क्रॉप कटिंग प्रयोग किया गया। पहले प्लॉट से 13 किलो 900 ग्राम और दूसरे प्लॉट से 12 किलो 400 ग्राम गेहूं की उपज प्राप्त हुई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया फसल उत्पादन का सटीक आंकलन करने के लिए की जाती है।

वैज्ञानिक परीक्षण के लिए गेहूं की बालियों के नमूने भी सुरक्षित रखे गए हैं। इन नमूनों को 15 दिन तक सुखाने के बाद दोबारा तौला जाएगा, ताकि वास्तविक उत्पादन क्षमता का सही आंकलन किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया से किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलती है।

डीएम मनीष कुमार ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग किसानों की फसल उत्पादन क्षमता जानने का सबसे विश्वसनीय तरीका माना जाता है। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत कई कृषि योजनाओं के लिए सही डाटा तैयार किया जाता है और किसानों को उचित लाभ मिल पाता है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खेत में इस्तेमाल किए गए बीज, उर्वरक, सिंचाई व्यवस्था और कीटनाशकों की भी जानकारी ली। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय-समय पर तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

इस मौके पर कृषि, राजस्व और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों का इस तरह खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम है।

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