माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच संचालित होने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर 16 जून से पटरी पर लौटने जा रही है। करीब सात महीने के लंबे अंतराल के बाद इस हाईस्पीड ट्रेन सेवा की बहाली से हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन के दोबारा संचालन के साथ नया रूट और संशोधित समय-सारिणी भी जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत वंदे भारत एक्सप्रेस अब गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। इससे इन दोनों शहरों और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को पहली बार सीधे वंदे भारत सेवा का लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नए रूट से यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
रेलवे द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन संख्या 26405 वंदे भारत एक्सप्रेस अमृतसर से शाम 4:25 बजे रवाना होगी और रात 10:00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 26406 कटरा से सुबह 6:40 बजे प्रस्थान कर दोपहर लगभग 12:20 बजे अमृतसर पहुंचेगी। इस प्रकार यात्रियों को करीब 5 घंटे 35 मिनट में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। नए रूट पर ट्रेन के प्रमुख ठहराव बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी रेलवे स्टेशन होंगे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच रेल संपर्क और अधिक मजबूत होगा। साथ ही व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेलवे प्रशासन ने ट्रेन के साप्ताहिक अवकाश दिवस में भी बदलाव किया है। अब वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को संचालित नहीं होगी। इसके अलावा सप्ताह के शेष छह दिनों में यात्रियों को यह सेवा उपलब्ध रहेगी। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से लैस है और यात्रियों को तेज, आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करती है। ट्रेन के दोबारा संचालन से अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू क्षेत्र के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा। माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु कटरा पहुंचते हैं। ऐसे में आगामी यात्रा सीजन से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस की बहाली श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। रेलवे को उम्मीद है कि इस सेवा के शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।