देहरादून/मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी (Queen of Hills) जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब देहरादून से मसूरी का सफर घंटों के ट्रैफिक जाम में नहीं, बल्कि पहाड़ों के सीने को चीरती हुई आधुनिक सुरंगों के बीच से गुजरेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे दो-लेन नेशनल हाईवे को मंजूरी दे दी है।
परियोजना की बड़ी बातें: झाझरा से लाइब्रेरी चौक तक कनेक्टिविटी
यह हाईवे देहरादून के झाझरा से शुरू होकर मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक जाएगा। लगभग 3500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क न केवल दूरी कम करेगी, बल्कि यात्रा के समय को भी आधा कर देगी।
दो लंबी सुरंगें होंगी आकर्षण का केंद्र
इस हाईवे की सबसे बड़ी खूबी इसमें बनने वाली दो लंबी सुरंगें हैं। आधुनिक इंजीनियरिंग के बेजोड़ नमूने के रूप में ये सुरंगें यात्रियों को खतरनाक मोड़ों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से बचाएंगी। इससे सफर सुरक्षित होगा और सर्दियों में बर्फबारी के दौरान भी रास्ते बंद होने का खतरा कम रहेगा।
जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत
मसूरी में वीकेंड और सीजन के दौरान ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या रही है। नया हाईवे:
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मौजूदा सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा।
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खतरनाक मोड़ों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाएगा।
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वाहनों के रुक-रुक कर चलने से होने वाले प्रदूषण में कमी लाएगा।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख
बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। केम्प्टी फॉल्स, गन हिल और मॉल रोड आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय होटल व्यवसाय, होमस्टे, टैक्सी संचालन और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।