उत्तराखण्ड

सीएम धामी ने कसे विपक्ष के पेंच, एक टूक से कहा देश का सबसे बड़ा नकल विरोधी कानून लाई धामी सरकार

विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिभषण हुआ, अभिभषण में धामी ने सरकार के उपलब्धियां और सरकार के कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों के उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिभाषण

माननीय अध्यक्ष जी मैं सबसे पहले आप का धन्यवाद करता हूं और आपके धीरज का कि कई कई घंटों से और कल तो 7 घंटे तक आपने सदन को चलाने का काम किया भगवान बद्रीविशाल की इस धरती को प्रणाम करता हूं सभी देवी देवाताओं को भी प्रमाण करता हूं उनकी कृपा से मेरे मुख्य सेवक के रूप में ये पहला सदन था इसे पहले विधायक के रूप मैं बहुत बार मे यह आया, आपकी कुश मार्गदर्शन में इसका अच्छा संचालन हुआ साथ ही मैं उत्तराखंड के शहीदों का ,अमर शहीदों का , उत्तराखंड के आंदोलनकारियों का उन सब का भी मैं इस अवसर पर जब हमारा सामान्य बजट पेश हुआ है उनका भी मैं स्मरण करना चाहता हूं, स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी का भी मैं स्मरण करना चाहता हूं मैं कहना चाहता हूं  अटल बिहारी वाजपेयी ने हमको उत्तराखंड राज्य देने का काम किया उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई, साथ ही आज प्रकृति का पर्व लोक पर्व का द्वितीय दिवस पर सभी को लोकपर्व की बधाई देता हूं, जहां अटल जी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य प्राप्त हुआ वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसको सजाने और संवारने का काम तेजी से हो रहा है, सभी जानते है सम्पूर्ण उत्तराखंड जानता है प्रधानमंत्री का उत्तराखंड की भूमि से जो कर्म औऱ मर्म का रिश्ता है उनका जो विशेष लगाव है उस विशेष लगाव के कारण से पिछले पांच,छ: या आठ सालों का आंकलन करेंगे तो लगभग डेढ़ लाख करोंड़ की धन राशि उत्तराखंड के विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की है।

आज मैं इस सदन से प्रधानमंत्री और केंद्रीय सरकार का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उत्तराखंड की जितनी भी योजनाएं जो बहुप्रतीक्षित योजनाएं थी उन सबको लम्बे समय के बाद स्वीकृति प्रदान हुई है, गैरसैंण में दो वर्षों के बाद यह सत्र आयोजित हो रहा है और सभी सदस्यों ने इसमें भाग लिया है मैं सब का नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य , प्रीतम भाई  का और हमारे सभी जहां प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों का हमारे आदरणीय मंत्रिगणों का माननीय विधायक गणों का सब का अपनी तरफ से मुख्य सेवक होने के नाते सभी का धन्यवाद करता हूं। साथ ही प्रेमचंद अग्रवाल जिन्होंने कल यह पर बजट प्रस्तुत किया व और उनकी टीम को मैं बहुत अच्छा सर्व स्पर्शी और सर्व राही और एक मैं कहूं की हर वर्ग के उत्थान का जे बजट उन्होंने पेश किया उसके लिए मैं  उनकी सम्पूर्ण टीम को बधाई देता हूं धन्यवाद करता हूं, कि बजट सर्व स्पर्शी बजट है पॉलिस्ट्री की आपर्ज रखी गयी है ।

माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, आज हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा है। भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। भारत का मान स्वभिमान पूरे विश्व में बढ़ा है, जहां आज हम दुनिया के देशों की बात कर रहे है बड़े-बड़े विकसित देश उनकी अर्थव्यवस्था चरमरा गई, पूरी तरह से अवस्थित हो गई ऐसे समय में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारे देश की अर्थव्यवस्था जो 10 वें नम्बर पर होती थी वो अर्थव्यवस्था आज 5 वें नं. पर है, इसके साथ साथ हमारे लिए गौरव की बात जी 20 की अध्यक्षता भारत को मिली है और उसमें से भी पहले के समय उस काल खंड को याद करें कि जब इस प्रकार के वैश्विकस्तर के कार्यक्रम होते थे तो केवल दिल्ली या दिल्ली के आस पास होते थे इस बार अनेकों नेक बैठकें जिसमें दुनियाभर के विद्वान जी 20 के देशों के 20 जी 20 के देश और 9 एनवाईटी देश और  15 अंतर्राष्ट्रीय संगठन भाग लेने वाले है और वे हिन्दुस्तान के कोने कोने में जाने वाले है  छोटे छोटे स्थानों पर जाने वाले है और हमारे राज्य को भी मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहूंगा एक बैठक नहीं दो बैठक नहीं हमको 3 बैठक उत्तराखंड के अंदर मिल रही है इसका स्वभाग्य हो चुका है निश्चित रूप से हमारा राज्य और राज्य की संस्कृति सम्पूर्ण विश्व के अंदर जाने वाली है, हमारे यह की संस्कृति और हमारी विशेषताएं . मातृशक्ति द्वारा यह की संस्कार सम्पूर्ण पूरे विश्व के अंदर जाएगा, औऱ पिछले दिनों जिस प्रकार से हमने देखा रूस यूक्रेन युद्ध हुआ और रूस यूक्रेन युद्ध के समय सम्पूर्ण भारतवर्ष के हमारे छात्र छात्राएं थी यूक्रेन के अंदर  फंस गए थे उस समय में उत्तराखंड के भी हमारे बहुत बच्चे और मैं समझता हूं कि सदन के अंदर बैठा हुआ शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसके पास जो किसी न किसी के माता पिता न आए हो कि हमारे बच्चे वह फस गए ऐसे समय में प्रधानमंत्री के आवह्ना पर रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों ने युद्ध विराम की घोषणा की और चार दिन तक युद्ध नहीं चला,  देश के हजारों बच्चें देश से बाहर निकले गए, और इतना ही नहीं जो देश आज हमारे बारे में मनगणत बाते करते है और आंतकवादियों को भेजते है जिहादियों  को भेजने का काम करते है इसे देश के बच्चों को भी यूक्रेन से बाहर आने के लिए भारत का तिरंगा अपने कंधों पर लेना बड़ा, और बारत का तिरंगा लेकर वह भी सुरक्षित अपने देशों के लिए निकले, इसके साथ साथ सम्पूर्ण विश्वमें भारत की शक्ति को पहचाना एक समय था जब भारत वैश्विक मंचों पर अपने बात भी सीधे तरीके से नहीं रख पाता था अपनी सही बात भी नहीं मनवा पता था  विश्वास और मैं कहूं कि पूरी दृढ़ता से अपनी पक्ष में और अपने हक में फैसले भी नहीं करवा पाता था आज दुनिया के अंदर  कोई भी काम होता है सम्पूर्ण दुनिया  भारत का सहयोग मांगती है , कि भारत का क्या रूख होने वाला है अभी भारत का जो सामान्य बजट आया पूरी दुनिया की आशाएं इस और लगी हुई थी कि भारत का बजट कैसे आने वाला है ये नया भारत है दूसरा चीन की घटना आपने देखा होगा 1962 से लेकर जितने युद्ध हुए सारे युद्धों में भारत की सेना ने साहस का और पराक्रम का परिचय दिया । आज तुर्की जैसे देश भारत की सराहना कर रहे है। लेकिन एक हमारे साथ जुड़ा हुआ था कि भारत की सेना मजबूत होते हुए भी नेतृत्व मजबूत ना होने के कारण से कहीं ना कहीं मन में संदेह रहता था।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ कोविड को हराया बल्कि अपने कोविड प्रबंधन का लोहा दूसरे देशों को भी मनवा दिया। निःशुल्क वैक्सीन एवं गरीबों को निःशुल्क अनाज दिया गया। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का राहत पैकेज। चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ और महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया गया।  हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 60 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी केलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं सरकार ने कुछ नहीं किया, मंहगाई बढ़ रही है, पेपर लीक हो रहे हैं।

हां मैं, मानता हूं इतने कम समय में, मैं, सबकुछ नहीं कर सकता। 22 वर्षों में नकल माफियाओं के गिरेबान में हाथ किसने डाला। नकल माफियाओं को जेल में किसने भेजा। नकल विरोधी कानून किसने बनाया। क्या ये सब पहले नहीं किया जा सकता था। विपक्ष को भी पता है, उत्तराखंड का समुचित विकास कोई कर सकता है तो वो मोदी जी के नेतृत्व में धामी ही कर सकता है। हमने समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने का संकल्प लिया है और इसको सिद्धि तक भी ले जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में देहरादून में हुई घटना में जिन युवाओं पर मुकदमें दर्ज हुए, जिन युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेना है उनके मुकदमे वापस लिये जायेंगे।

हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हमें खुशी है कि समान नागरिक संहिता के लिये हमें देखकर दूसरे राज्य भी आगे आ रहे हैं। जैसे ही समिति अपना ड्राफ्ट बनाकर सौंपेगी हम उस पर कानून बनाकर आगे बढ़ाया प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिये होम स्टे योजना बहुत महत्वपूर्ण है। मैं स्वयं जिलों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में रूका हूं। हमारी कोशिश है कि प्रदेश के होम स्टे को पर्यटकों की पहली पसंद बना सकें। हमारे यहां बहुआयामी पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है। हमें नये पर्यटन स्थल विकसित करने हैं। ऋषिकेश रिवर राफ्टिंगका हब बन चुका है।

नए रिवर राफ्टिंगस्थानों के चयन हेतु सर्वे भी किया गया है। अभी हमने चम्पावत के टनकपुर में महाकाली नदी में रिवर राफ्टिंग शुरू की है। मैंने खुद वहां रिवरराफ्टिंग की है। कुछ महीनों में प्रदेश में रिवर राफ्टिंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। पौड़ी, नैनीताल सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों मे पैरा सैलिंग, पैरा मोटर आदि खेलों के प्रति भी आकर्षण बढ़ा है। रोपवे जहां कनेक्टिविटी का एक नवीन माध्यम है, उसी के साथ-साथ यह पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। कुछ माह पूर्व ही आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया गया। इनके बनने से श्रद्धालुओं का घंटों का सफर मिनटों में संभव होगा। हमारा मूल मंत्र है संकल्प से सिद्धि, कृषि बागवानी और सहकारिता से समृद्धि है। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए हमने ‘फार्म मशीनरी बैंक’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से प्रदेश के लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

कोविड महामारी के बाद और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जहां विश्व की अर्थव्यवस्था धाराशायी हो गई, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था उभरकर सामने आई है। हमारे विपक्ष के साथी जब महंगाई की बात करते हैं तो वह यह भूल जाते हैं कि आज विश्व के बड़े-बड़े देश महंगाई की मार से जूझ रहे हैं, तब भारत ने महंगाई की दर स्थिर रखने में सफलता प्राप्त की है। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि 2025 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा 2027 तक 5.4 लाख करोड़ डालर के आकार के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। उत्तराखण्ड में भी एक ओर जहां प्रति व्यक्ति आय में पिछले वर्ष के मुकाबलें दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है, पिछले वर्ष आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे। आप सभी को ज्ञात ही है कि आदरणीय मोदी जी ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष की संज्ञा दी है। हम आदरणीय मोदी जी के इसी विजन के अनुरूप ही पोष्टिकता से भरपूर उत्तराखंड के मोटे अनाज को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। हम सभी के लिए आज मोटे अनाज का ही लंच तैयार कराया गया था और मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी उत्तराखंड की माटी से उपजे इस पोष्टिक मोटे अनाज से बने हुए भोजन का अवश्य आनंद उठाया होगा।

अंत में, इस बजट भाषण के दौरान स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी द्वारा लिखी गई इन पंक्तियों के साथ मैं, आप सभी के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता को यह बताना चाहता हूं कि राह लंबी है, डगर कठिन है, लक्ष्य दूर है, लेकिन संकल्प दृढ़ है और हम अपने इस विकल्प रहित संकल्प के द्वारा आप सभी के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाकर ही दम लेंगे।

आज अपने स्वप्न को मैं, सच बनाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं।

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