उत्तराखंड के रुद्रपुर में बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान ने उस समय राजनीतिक मोड़ ले लिया जब ऊर्जा निगम और विजिलेंस की टीम ने भाजपा के पटेलनगर मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता को रंगे हाथों बिजली चोरी करते पकड़ा। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मंडल अध्यक्ष समेत नौ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून की नजर में रसूखदार और आम आदमी, दोनों बराबर हैं।
तड़के हुई छापेमारी, उड़ गए होश
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता राजीव चक्रवर्ती के नेतृत्व में विजिलेंस की संयुक्त टीम ने मंगलवार तड़के ट्रांजिट कैंप, खेड़ा और दरियागंज जैसे संवेदनशील इलाकों में दबिश दी। अभियान के दौरान कुल 201 कनेक्शनों की सघन जांच की गई। जैसे ही टीम भाजपा नेता के आवास और अन्य क्षेत्रों में पहुंची, वहां अवैध केबल और कटिया देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
कटिया डालकर उड़ाई जा रही थी ‘मुफ्त’ बिजली
जांच में बिजली चोरी के हैरान करने वाले तरीके सामने आए:
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अवैध केबल: 41 घरों में मुख्य लाइन से सीधे केबल डालकर अवैध सप्लाई ली जा रही थी।
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मीटर से छेड़छाड़: कई स्थानों पर मीटर पूरी तरह गायब थे या मीटर से पहले ही केबल काटकर बिजली चोरी की जा रही थी।
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साक्ष्यों की जब्ती: टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध केबल और उपकरण जब्त कर वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पुख्ता साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिसिया कार्रवाई और मुकदमे की धाराएं
कोतवाली प्रभारी मोहन चंद्र पांडेय के अनुसार, ऊर्जा निगम की तहरीर पर भाजपा नेता धीरेश गुप्ता (राजा कॉलोनी) सहित नौ आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विभाग अब इन आरोपियों पर भारी-भरकम जुर्माना (Penalties) लगाने की तैयारी में है।
“राजस्व को चूना लगाने वालों की खैर नहीं”
ऊर्जा निगम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि बिजली चोरी न केवल राजस्व का नुकसान है, बल्कि यह ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ भी अन्याय है। अवैध लोड के कारण ग्रिड पर दबाव बढ़ता है, जिससे लो-वोल्टेज और फाल्ट जैसी समस्याएं आती हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह अभियान थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में और भी कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।