उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच देर रात कई जिलों में तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सबसे ज्यादा असर पहाड़ों की रानी मसूरी में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ टूटकर सड़कों और वाहनों पर गिर गए। कई इलाकों में मकानों की छतें उड़ने की भी खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने पहले ही राज्य में चार दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई थी। शुक्रवार रात मौसम ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने कई क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाया। मसूरी के प्रसिद्ध माल रोड क्षेत्र में कई पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा इंदिरा कॉलोनी समेत कई रिहायशी इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई पुराने मकानों की छतें तेज हवाओं की वजह से उड़ गईं, जिससे लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल राहत और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सूखे और खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उनकी लॉपिंग कराने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव और अन्य समस्याओं से बचा जा सके। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि समय पर पेड़ों की लॉपिंग नहीं होने के कारण कई स्थानों पर नुकसान बढ़ गया। उन्होंने बताया कि पुराने मकानों की छतों को भी तेज हवाओं से काफी क्षति पहुंची है और प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं स्थानीय सभासद गीता कुमाई ने बताया कि उन्होंने पहले ही वन विभाग को संभावित खतरे वाले पेड़ों के बारे में जानकारी दी थी। वन विभाग ने कुछ पेड़ों को चिन्हित भी किया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि कैमल बैक रोड क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां कई घरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।