उत्तराखण्ड

जंगल की जमीन पर अवैध निर्माण में अब तक 350 से अधिक मंदिर और मजार किए गए चिन्हित, मंत्री ने कहा- सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे

देहरादून:  उत्तराखंड में जंगल की जमीन पर अवैध निर्माण के मामले सामने आते जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से अब तक 350 से अधिक मंदिर और मजार चिन्हित किए गये हैं। अवैध निर्माण कर बनाए गए अधिकतर मंदिर हैं। वन मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक मंदिर की बात नहीं है, वन भूमि पर जो भी अवैध निर्माण है उसे हटाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

जंगल की जमीन पर अवैध निर्माण
जंगल की जमीन पर अवैध निर्माण

वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक गढ़वाल मंडल के आरक्षित वन क्षेत्र में गढ़वाल वृत्त में 46, भागीरथी वृत्त में 34, शिवालिक वृत्त में 46 और यमुना वृत्त में 29 अवैध निर्माण चिन्हित हैं, जिसमें 10 मजार और 155 मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा दो गुरुद्वारे भी वन क्षेत्र में अवैध तरीके से निर्मित मिले।

मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं मंडल डॉ. तेजस्विनी अरविंद पाटिल की रिपोर्ट के मुताबिक तराई पूर्वी, बागेश्वर, हल्द्वानी, तराई केंद्रीय वन प्रभाग, सिविल सोयम, अल्मोड़ा, चंपावत और तराई पश्चिमी वन प्रभाग क्षेत्र में लगभग 114 अवैध निर्माण हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला, गौहरी, रवासन, मोतीचूर, कांसरो, रामगढ़, हरिद्वार, बेरीवाड़ा, धौलखंड, चिल्लावाली, सांकरी रेंज में 63 और गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क में 81 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क और केदारनाथ वन्यजीव विहार की ओर से अवैध निर्माण की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।

यह भी पढ़ें:-https://parvatsankalpnews.com/the-supreme-court-also-gave-a-big-blow-to-the-recruitment-case-in-2016-from-the-back-door-in-the-vidhansabha/

यह भी देखें:-https://www.youtube.com/watch?v=IHvCRFSHDGA

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News