NEET UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल-मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों और उनके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। यह कदम परीक्षा के दौरान अनावश्यक भीड़, अव्यवस्था और किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।

आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, राजनीतिक या सामाजिक सभाएं, प्रचार-प्रसार और अन्य सार्वजनिक गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां परीक्षा की शुचिता और परीक्षार्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए परीक्षा अवधि के दौरान इन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास लाठी, डंडा, तलवार, चाकू अथवा अन्य किसी प्रकार के हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और अधिकृत सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं।
परीक्षार्थियों को शांत और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर, डीजे, तेज आवाज वाले हॉर्न और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण छात्रों की परीक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इस संबंध में सख्ती बरती जाएगी।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा संचालन में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अफवाह फैलाने अथवा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आसपास लगातार निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने अभिभावकों और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को सफलतापूर्वक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रतिबंध केवल परीक्षा अवधि तक लागू रहेंगे और इनका उद्देश्य परीक्षार्थियों को सुरक्षित एवं शांत वातावरण उपलब्ध कराना है।