दून अस्पताल की लिफ्ट में 12 वर्षीय बच्चे से अश्लील हरकत का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद सफाई कर्मचारी ने दी जान

देहरादून: दून अस्पताल से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। अस्पताल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत 55 वर्षीय विजय वाल्मीकि पर 12 वर्षीय बच्चे के साथ अस्पताल की लिफ्ट में कथित तौर पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद सफाई कर्मचारी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब वायरल वीडियो की वास्तविकता, घटना की परिस्थितियों और सफाई कर्मचारी की आत्महत्या के पीछे की वजहों की जांच कर रही है।
12 वर्षीय बच्चे के साथ कथित अश्लील हरकत का आरोप
जानकारी के मुताबिक, रायपुर क्षेत्र में रहने वाला विजय वाल्मीकि दून अस्पताल में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करता था। आरोप है कि बीते रविवार को अस्पताल में आए 12 वर्षीय बच्चे के साथ उसने लिफ्ट के अंदर कथित तौर पर अश्लील हरकत की। बताया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से लोगों के बीच पहुंच गया और सफाई कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए जाने लगे। हालांकि, पुलिस अभी वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की सत्यता की जांच कर रही है। ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वीडियो वायरल होने के बाद कर्मचारी ने उठाया आत्मघाती कदम
वायरल वीडियो सामने आने के बाद विजय वाल्मीकि मानसिक दबाव में था, ऐसा उसके परिजनों की ओर से बताया गया है। परिजनों का आरोप है कि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच किए बिना ही उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने और लगातार बन रहे दबाव के बाद विजय ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो की सत्यता जांच रही पुलिस
सफाई कर्मचारी की मौत के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या है और वीडियो कब तथा किन परिस्थितियों में बनाया गया था। इसके साथ ही पुलिस आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बने दबाव की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर सकती है। अस्पताल प्रशासन ने बनाई जांच कमेटी मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन के मुताबिक, वीडियो वायरल करने वाला व्यक्ति अस्पताल या कॉलेज से संबंधित नहीं था। अस्पताल प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। प्राचार्य के अनुसार, कमेटी की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और अस्पताल की जांच पर टिकी नजर इस मामले में एक ओर 12 वर्षीय बच्चे से कथित अश्लील हरकत के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण है, वहीं दूसरी ओर वायरल वीडियो के कारण उत्पन्न परिस्थितियों और सफाई कर्मचारी की आत्महत्या की वजहों की जांच भी पुलिस के लिए अहम है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था और सफाई कर्मचारी की आत्महत्या के पीछे कौन-कौन सी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। मामला संवेदनशील होने के कारण जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।




