जोशीमठ में हो रहे भू धंसवा से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में भी चिंता बढ़ गई है, वहीं राज्य सरकार के साथ साथ केंद्रीय सरकार भी इस विपदा की घड़ी में जोशीमठ के साथ खड़ी है।
5 जनवरी 2023:- जोशीमठ भू धंसाव के मामले में मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखते जोशीमठ भू धंसाव को लेकर गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, भूस्खलन न्यूनीकरण केन्द्र के वैज्ञानिक सांतुन सरकार, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. बीके माहेश्वरी सहित तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी टीम जोशीमठ जाने के निर्देश दिए थे। विशेषज्ञों की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ में भू-धसाव के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने बीआरओ के अन्तर्गत निर्मित हेलंग बाईपास निर्माण कार्य, एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के अन्तर्गत निर्माण कार्य एवं नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत निर्माण कार्यों एवं जोशीमठ-औली रोपवे का संचालन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।

प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने हेतु जिला प्रशासन ने एनटीपीसी व एचसीसी कंपनियों को अग्रिम रूप से 2-2 हजार प्री-फेब्रिकेटेड भवन तैयार कराने के भी आदेश जारी किए हैं। प्रभावितों के नगरपालिका, ब्लॉक, बीकेटीसी गेस्ट हाउस, जीआईसी, गुरुद्वारा, इंटर कॉलेज, आईटीआई तपोवन सहित अन्य सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था की गई है। जोशीमठ नगर क्षेत्र से 43 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से शिफ्ट कर लिया गया है। भू-धसाव बढ़ने से खतरे की जद में आए भवनों को चिन्हित किया जा रहा है। राहत शिविरों में बिजली, पानी, भोजन, शौचालय एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना द्वारा लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अपर जिलाधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. दीपक सैनी सहित प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस सुरक्षा बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
6 जनवरी 2023- मुख्यमंत्री ने जोशीमठ कस्बे में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था आदि के संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ प्रकरण सम्बन्धित विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे समय में लोगों की मदद करना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रशासनिक मशीनरी को संवेदनशीलता से काम करते हुए स्थिति की मॉनिटरिंग करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तात्कालिक एक्शन प्लान के साथ ही दीर्घकालीन कार्यों में भी लंबी प्रक्रिया को समाप्त करना होगा। डेंजर जोन के ट्रीटमेंट, सीवर व ड्रेनेज जैसे कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, इसमें सरलीकरण तथा त्वरित कार्रवाई हमारा मूलमंत्र होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ मामले पर जल्द से जल्द कार्य योजना बिल्कुल तय होनी चाहिए। हमारे लिए नागरिकों का जीवन सबसे अमूल्य है। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन, गढ़वाल आयुक्त और जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करते हुए एयर लिफ्ट की सुविधा हेतु भी तैयारी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित स्थान पर तत्काल अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाए जाने, डेंज़र ज़ोन को तत्काल खाली करवाने के साथ ही प्रशासन को स्थाई पुनर्वास के लिए पीपलकोटी और गौचर सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षित जगह तलाशने के भी निर्देश दिए।
7 जनवरी 2023:- मुख्यमंत्री के निर्देश पर जोशीमठ में भू-धंसाव के कारण विस्थापित परिवारों को मकान किराये के लिए ₹4,000/ माह की दर से 6 माह तक दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ पहुंचकर भू-धंसाव क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया व प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक नज़र आए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ का धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व है। इस समय हम सबके सामने सबसे पुराने ज्योतिर्मठ को प्राकृतिक आपदा से बचाने की बड़ी चुनौती है। संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि भू-धंसाव रोकने के लिए तात्कालिक तथा दीर्घकालीक कार्य योजना पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है व जोशीमठ की सुरक्षा के लिए सीवर एवं ड्रेनेज जैसे कार्य को जल्द से जल्द कराया जाएगा। समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक करते हुए अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रहने व चिकित्सा उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। प्रभावित क्षेत्र में सेक्टर और जोनल वार योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि डेंजर जोन को तत्काल खाली करवाया जाए व स्थाई पुनर्वास के लिए सुरक्षित जगह तलाशी जाए। सभी विभाग टीम भावना से काम करें तभी हम लोगों की बेहतर ढंग से मदद करने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्ता कर जोशीमठ के संदर्भ में प्रभावितों की सुरक्षा व पुनर्वास हेतु उठाए गए कदमों एवं समस्या के समाधान हेतु तात्कालिक तथा दीर्घकालिक कार्य योजना की प्रगति के विषय में जानकारी ली।
8 जनवरी 2023:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जोशीमठ में प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों को ड्राई राशन किट और कुक्ड फूड पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राहत शिविरों में भी लोगों के रहने की समुचित व्यवस्थाएं की जा रही है।
10जनवरी 2023 मुख्यमंत्री से नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों एवं सदस्यों ने भेंट कर जोशीमठ भू-धंसाव से उत्पन्न स्थिति के बाद राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ का सांस्कृतिक, पौराणिक के साथ सामरिक महत्व भी है, इस शहर को उसके पूर्व स्वरूप में लाने के लिये हमें समेकित प्रयासों की जरूरत रहेगी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने NDMA के अधिकारियों एवं सदस्यों से भू-धंसाव क्षेत्र की भूगर्भीय तथा अन्य आवश्यक जांच में सभी संबंधित संस्थाओं से समन्वय के साथ कार्य योजना में सहयोग की अपेक्षा की।

वहीं मुख्यमंत्री ने राज्यपाल गुरमीत सिंह से राजभवन में मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से जनपद चमोली के जोशीमठ में भू धंसाव की स्थिति पर जानकारी ली। मुख्यमंत्री धामी ने जोशीमठ में भू धंसाव क्षेत्र में संचालित राहत व बचाव कार्यों और नागरिकों की सुरक्षा हेतु उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। राज्यपाल ने कहा भू धंसाव क्षेत्र में निवासरत लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है जिसे ध्यान में रखा जाए। इसके साथ ही प्रभावितों के अस्थायी पुनर्वास का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। प्रभावित हुए लोगों को ठंड व मौसम बिगड़ने की स्थिति में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्यपाल ने राज्य सरकार द्वारा अभी तक उठाए गए त्वरित कदमों पर संतोष जताते हुए इस कार्य में लगे सभी लोगों की सराहना की।
11जनवरी 2023:- मुख्यमंत्री ने जोशीमठ पहुंचकर भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को कम्बल भी वितरित किए और विश्वास दिलाया कि इस संकट के समय केंद्र व राज्य सरकार संजीदगी के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जोशीमठ में चिन्हित भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में सभी की सहमति से सिर्फ अभी दो होटल ही तोड़े जाएंगे। राहत एवं पुनर्वास के लिए यहां पर कमेटी बना दी गई है। सभी नाम उसमें सम्मिलित कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं पुनर्वास ठीक तरीके से हो यह हमारी प्राथमिकता है। अंतरिम राहत की हमने घोषणा की है। हम चाहेंगे कि जल्द से जल्द सभी तक अंतरिम राहत पहुंचे, जिससे लोगों को फौरी रूप से राहत मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस संकट में हमारे साथ खड़े हैं और मॉनिटरिंग के साथ ही सहायता भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि यहां पर भू-धंसाव के कारण जितना नुकसान हुआ है वह हो चुका है और आगे सब ठीक हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपदा की इस घड़ी में हम प्रभावितों के साथ खड़े हैं। इसमें कहीं किसी को भी किसी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए कि सरकार उनके साथ नहीं खड़ी है, पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में राहत शिविर का दौरा कर वहां रुके लोगों से मुलाकात की तथा उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

12 जनवरी 2023:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जोशीमठ में अपने दिन की शुरुआत नृसिंह मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना से की। साथ ही जोशीमठ प्रदेश की खुशहारी की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ अंतर्गत सुनील आइटीबीपी कैंप में सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ और भू-धंसाव की जांच में लगे विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों, जिला प्रशासन, पुलिस एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठानों के वैज्ञानिकों से वार्ता कर जोशीमठ में भू-धंसाव के कारणों पर चल रहे अध्ययन और शोध के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जोशीमठ में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक करते हुए सभी से आपदा की घड़ी में शासन-प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभावित हैं, उनके जान-माल की सुरक्षा करते हुए उनके लिए आगे का रास्ता बनाना हमारी प्राथमिकता है। जिन लोगों के मकान, दुकान, व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, उन सभी को अंतरिम सहायता के रूप में 1.50 लाख रुपए तात्कालीक रूप से दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी। कतिपय लोग जोशीमठ को लेकर गलत माहौल बना रहे हैं, इससे हमारे लोगों का नुकसान हो रहा है और उनकी आर्थिकी प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जोशीमठ में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को अंतरिम पैकेज के पारदर्शी वितरण व पुनर्वास पैकेज की दर निर्धारित किए जाने हेतु गठित समिति के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर गठित समिति के सदस्यों के सुझावों पर बाजार दर तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी फरवरी से औली में गेम्स व कुछ महीने बाद चारधाम यात्रा भी शुरू होने जा रही है। हमें यह भी देखना होगा कि जोशीमठ से बाहर कोई गलत संदेश न जाए, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो।
यह भी देखें:-https://www.youtube.com/watch?v=X7A8eLP_398&t=2s