पंजाब

पठानकोट में बारिश ने मचाई तबाही, नदियां-नाले उफान पर; कई सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पठानकोट में लगातार हो रही बारिश के कारण पठानकोट जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दरिया, नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि सीमावर्ती इलाकों में पानी सड़कों और खेतों तक पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। माधोपुर हेडवर्क्स से पाकिस्तान की ओर 9,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मंगलवार को रंजीत सागर डैम का जलस्तर 512.74 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश के चमेरा बांध से 28,504 क्यूसेक पानी शाहपुर कंडी बैराज की झील में पहुंच रहा है। रंजीत सागर डैम से भी 10,102 क्यूसेक पानी इसी झील में आ रहा है। शाहपुर कंडी बैराज की झील का जलस्तर बढ़कर 401.50 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम जलस्तर क्षमता 404.50 मीटर है। बैराज से माधोपुर हेडवर्क्स की ओर 11,300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बढ़ते जलप्रवाह के चलते निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में बहने वाले जलालिया दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। पानी के सड़कों और खेतों तक पहुंचने से कई जगह हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। बमियाल को पठानकोट और दीनानगर से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग एक बार फिर बाधित हो गया है। सड़क पर पानी भरने के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि कुछ लोग पानी के बीच से गुजरने का जोखिम उठा रहे हैं। तेज बहाव के बीच इस तरह आवाजाही हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय स्तर पर लोगों से जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की जा रही है। पिछले साल जलालिया दरिया में आई बाढ़ के दौरान बमियाल क्षेत्र की एक पुलिया बह गई थी। इसके बाद प्रशासन ने पुलिया का निर्माण शुरू कराया था, लेकिन बरसात का मौसम खत्म होने से पहले काम पूरा नहीं हो सका। अब दोबारा जलस्तर बढ़ने के कारण मुख्य रास्ता प्रभावित हो गया है और निर्माण में देरी की परेशानी सामने आ रही है। धार कलां ब्लॉक के गांव पट्टा से सारटी को जोड़ने वाली लिंक सड़क और पुलिया भी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है।

इस बीच पंजाब में मानसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 14 और 15 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके चलते राज्य के औसत अधिकतम तापमान में करीब 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई और तापमान सामान्य से लगभग 2.8 डिग्री नीचे पहुंच गया। मंगलवार को बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के न्यूनतम तापमान में भी करीब 0.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। बठिंडा में सबसे कम 24.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

पठानकोट में सबसे अधिक 46.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रूपनगर में 5.5 मिलीमीटर और मोहाली में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले दिनों में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पंजाब के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान की बात करें तो अमृतसर में 32.4, लुधियाना में 31.2, पटियाला में 29.2, पठानकोट में 28.5, एसबीएस नगर में 30.3, गुरदासपुर में 31.0, फिरोजपुर में 33.5, होशियारपुर में 30.4 और रूपनगर में 20.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान अमृतसर में 26.8, लुधियाना में 26.2, पटियाला में 26.2, पठानकोट में 25.2, एसबीएस नगर में 25.7, फरीदकोट में 28.0, फिरोजपुर में 27.2 और रूपनगर में 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी रहने से पंजाब के कई इलाकों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

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