पंजाब

पंजाब में अवैध इमीग्रेशन सेंटर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, मुक्तसर में दो एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

श्री मुक्तसर साहिब( पंजाब):-  अवैध रूप से अमेरिका गए नौजवानों के डिपोर्ट होकर वापस लौटने के मामले में राज्य सरकार प्रदेश भर में ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में जिला मुक्तसर में भी अवैध रूप से इमीग्रेशन सेंटर चलाने वाले दो एजेंटों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना सिटी में एफआईआर दर्ज की है‌। भले ही अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटने वालों में मुक्तसर का एक भी व्यक्ति नहीं था परंतु जिले में विदेश भेजने के नाम पर हर साल ट्रैवल एजेंटों पर एफआईआर दर्ज हो रही है। इनमें अधिकांश वो हैं जिनके पास सेंटर चलाने का लाइसेंस भी नहीं है। पुलिस को शिकायतें मिल रहीं थी कि कोटकपूरा रोड पर चल रहे विदात इमीग्रेशन सेंटर संचालकों के पास लाइसेंस नहीं है और यह लोग लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग रहे हैं। जिसके बाद थाना सिटी पुलिस ने सेंटर पर रेड की।

जांच अधिकारी एएसआइ रछपाल सिंह ने बताया कि वह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे‌। इस दौरान वह डॉ केहर सिंह चौक कोटकपूरा रोड पर मौजूद थे कि सूचना मिली कि मोहित कुमार पुत्र प्रेम कुमार वासी गली नंबर चार आदर्श नगर व इंद्रजीत सिंह पुत्र इकबाल सिंह वासी लंडे रोडे बिना लाइसेंस के विदात इमीग्रेशन सेंटर चला कर लोगों को विदेश का वीजा लगवाकर देने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग रहे हैं। उन्होंने पुलिस टीम के साथ उक्त सेंटर पर रेड की। जांच के बाद सेंटर संचालक मोहित कुमार व इंद्रजीत सिंह के खिलाफ धारा 318(4),3(5) बीएनएस 24 इमीग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। आरोपितों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

वर्ष 2024 में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के सात मामले सामने आए थे जिनमें अभी आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सातों में से छह अंडर इन्वेस्टिगेशन हैं और एक कोर्ट में लंबित है। वहीं इस साल भी फरवरी माह में एक बाप-बेटी एजेंट ने पुलिस विभाग के पूर्व कर्मचारी से इंग्लैंड भेजने के नाम पर 24.80 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अभी जांच चल रही है।

जिले में अवैध रूप से चल रहे इमीग्रेशन सेंटरों की संख्या बहुत ज्यादा है। अगर जिला प्रशासन इन सेंटरों पर शिकंजा सख्ती के साथ कसे तो कइयों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह लोग लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन भी एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच थोड़ी समय कर केस कोर्ट में भेज दें तो आरोपितों पर कार्रवाई में देरी नहीं होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News