पंजाब में वर्ष 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले राज्य में पार्टी का जनाधार मजबूत करने और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए भाजपा हाईकमान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अहम जिम्मेदारी सौंपी है। इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को पहली बार पंजाब के संगठनात्मक दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे सीधे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री का पहला कार्यक्रम पटियाला जिले की घनौर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया है, जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ बैठक करेंगे। यह पहली बार होगा जब नायब सिंह सैनी पंजाब में पार्टी संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ औपचारिक रूप से संवाद करेंगे। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके दौरे से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा और आगामी चुनावों के लिए संगठन और मजबूत होगा।
हालांकि इससे पहले भी नायब सिंह सैनी कई बार पंजाब आ चुके हैं और किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं तथा व्यापारिक वर्ग के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं। लेकिन इस बार उनका दौरा पूरी तरह राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटियाला में कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री अपने कैंप कार्यालय में पंजाब के करीब 200 प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में उद्योग, निवेश और पंजाब-हरियाणा के कारोबारी संबंधों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वे मोहाली में आयोजित विशाल सामूहिक श्री सुंदरकांड पाठ में भी शामिल होंगे, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले कुछ महीनों से पंजाब में लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। उनके बढ़ते राजनीतिक संपर्कों और लगातार हो रहे दौरों को भाजपा की पंजाब चुनाव रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यही कारण है कि उनके इस दौरे पर आम आदमी पार्टी समेत अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है। पंजाब दौरे से एक दिन पहले उन्होंने निहंग संप्रदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि करीब डेढ़ साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान नायब सिंह सैनी का कद हरियाणा की राजनीति में तेजी से बढ़ा है। उनकी कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय राजनीतिक भूमिका के चलते वे भाजपा नेतृत्व के भरोसेमंद नेताओं में शामिल हो गए हैं। हाल के कई विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में भी जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी अनुभव को देखते हुए अब उन्हें पंजाब में पार्टी को मजबूत करने का दायित्व दिया गया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले कुछ समय में पंजाब के कई प्रसिद्ध कलाकारों और गायकों से भी मुलाकात की है। इनमें मनकीरत औलख, मिका सिंह, इंद्रजीत निक्कू, गुरदास मान और हाल ही में सतिंदर सरताज जैसे नाम शामिल हैं। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने हरियाणा सरकार की फिल्म नीति, सांस्कृतिक गतिविधियों और पंजाब के सामाजिक माहौल को लेकर चर्चा की तथा विभिन्न विषयों पर फीडबैक भी लिया।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि हरियाणा और पंजाब के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। नायब सिंह सैनी की पारिवारिक जड़ें भी पंजाब से जुड़ी हुई हैं और वे राज्य की भाषा, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को अच्छी तरह समझते हैं। यही वजह है कि पार्टी उन्हें पंजाब में एक प्रभावी और स्वीकार्य चेहरे के रूप में देख रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पश्चिमी कमान मुख्यालय का भी दौरा किया। वहां उन्होंने पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने उनका स्वागत किया और सेना की विभिन्न उपलब्धियों, ऑपरेशन सिंदूर, ऑपरेशन राहत, युवा संपर्क कार्यक्रम, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सिस्टम तथा नई सैन्य तकनीकों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सेना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।