धर्मनगरी हरिद्वार में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम पर उस वक्त जानलेवा हमला किया गया, जब वह एक वांछित अपराधी को पकड़ने पहुंची थी। फिल्मी स्टाइल में पुलिस वाहन का पीछा किया गया और भारी गाड़ियों से टक्कर मारकर पुलिसकर्मियों की जान लेने की कोशिश की गई।
क्या है पूरा मामला?
यूपी पुलिस की एक टीम धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी संजय को गिरफ्तार करने के लिए ज्वालापुर पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही संजय को हिरासत में लिया और उसे लेकर रवाना हुई, तभी आरोपी के बेटे ईशांत ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस का पीछा करना शुरू कर दिया।
थार और स्कॉर्पियो से ‘मौत का पीछा’
आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी को रोकने के लिए अपनी थार और स्कॉर्पियो कारों का इस्तेमाल किया। ईशांत और उसके साथियों ने पीछा करते हुए पुलिस वाहन को कई बार जानबूझकर टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस वाहन अनियंत्रित हो गया और उसमें सवार पुलिसकर्मियों की जान जोखिम में पड़ गई।
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जब पुलिस ने वाहन रोका, तो आरोपियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
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पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की गई।
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इस हमले में उपनिरीक्षक अनुराग सिंह, महिला सिपाही प्राची और सिपाही अनिल कुमार घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस का एक्शन: हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज
घटना के बाद हरिद्वार पुलिस तुरंत एक्शन में आई और आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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प्राथमिकी: कुल 11 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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धाराएं: पुलिस ने हत्या के प्रयास (Section 307/109 BNS), सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला और तोड़फोड़ जैसी धाराओं के तहत मुकदमा किया है।
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गिरफ्तारी: आरोपी संजय के बेटे ईशांत, उसके साथी शिवम मलिक और अमन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शेष 8 आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।