देहरादून में MDDA का बड़ा एक्शन, चार अवैध भवन किए सील

देहरादून: राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्राधिकरण ने कुल्हान और चन्द्रवनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अवैध भवनों को सील कर दिया। इनमें फ्लैट और डुप्लैक्स भवन शामिल हैं, जिनका निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के किया जा रहा था। एमडीडीए की इस कार्रवाई को राजधानी में बढ़ते अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।  प्राधिकरण को इन निर्माणों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के बाद अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरीत पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति के किसी भी निर्माण कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एमडीडीए की पहली कार्रवाई कुल्हान क्षेत्र के नागल हटनाल में की गई। यहां चिराग तलवार द्वारा दो बहुमंजिला भवनों को जोड़कर फ्लैट विकसित किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने दोनों भवनों में बनाए जा रहे फ्लैटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और उनकी टीम मौके पर मौजूद रही। इसके बाद एमडीडीए की टीम ने चन्द्रवनी रोड स्थित द्वारिका पुरी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां सुभाष चौधरी द्वारा दो डुप्लैक्स भवनों का निर्माण कराया जा रहा था। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं है। इसके चलते दोनों डुप्लैक्स भवनों को सील कर निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा और सुपरवाइजरों की टीम मौजूद रही।

एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य न केवल शहरी नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात, पार्किंग, पेयजल, सीवरेज और आपदा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ाते हैं। इसी कारण ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृति और सभी आवश्यक वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है। कुल्हान और चन्द्रवनी में की गई कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के किसी भी निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि राजधानी में सुनियोजित, सुरक्षित और नियमसम्मत विकास सुनिश्चित करना है। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले सभी वैधानिक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राजधानी के नियोजित विकास के लिए एमडीडीए प्रतिबद्ध है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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