केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान मौसम एक बार फिर बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। 19 मई की रात हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड यात्रा मार्ग पर तीन अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। हालांकि जिला प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों की तत्परता से हालात को तेजी से नियंत्रित किया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार केदारनाथ पहुंच रही है। आंकड़ों के अनुसार 19 मई तक 6 लाख 94 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इसी बीच मौसम खराब होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई। देर रात हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने लगे, जिससे सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग कई जगहों पर बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, NDRF, SDRF Uttarakhand, पुलिस और अन्य राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने रातभर राहत और बचाव अभियान चलाया। खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेजी से काम किया।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी Vishal Mishra ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता खोल दिया। इसके बाद फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया गया और संवेदनशील क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
रातभर चले अभियान में जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबा हटाया गया। लगातार निगरानी और समन्वित प्रयासों के चलते यात्रा मार्ग को दोबारा सुचारु कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।