उत्तराखण्ड

केदारनाथ पैदल मार्ग बंद, गौरीकुंड से 200 मीटर आगे भारी भूस्खलन; यात्रियों की आवाजाही रोकी गई

रुद्रप्रयाग:-  उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन यात्रियों की आवाजाही रोक दी है। भूस्खलन की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया और सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और मार्ग खुलने का इंतजार करें।

बारिश के बीच पहाड़ी से गिरा भारी मलबा

जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश हो रही है। इसी दौरान गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गिरे। देखते ही देखते पैदल मार्ग पर मलबे का ढेर जमा हो गया और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जमीन के खिसकने और दोबारा मलबा आने का खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि प्रशासन ने यात्रियों को प्रभावित हिस्से की ओर जाने की अनुमति नहीं दी है।

यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय करते हुए यात्रा मार्ग पर आवाजाही रोक दी। जो श्रद्धालु मौके के आसपास मौजूद थे, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जब तक मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों को प्रभावित हिस्से से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राहत और बचाव टीमें मौके पर रवाना

यात्रा मार्ग बाधित होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों और राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मलबा हटाने और पैदल मार्ग को दोबारा खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण राहत कार्य में मुश्किलें सामने आ रही हैं। पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा और पत्थर गिरने की वजह से मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों और मशीनरी के लिए भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति सामान्य होते ही मलबे को हटाकर यात्रियों की आवाजाही बहाल की जाए। लेकिन फिलहाल सुरक्षा कारणों से यात्रा मार्ग को बंद रखा गया है।

यात्रियों से प्रशासन की अपील

प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें। यात्रियों को बिना अनुमति के बंद मार्ग को पार करने या प्रभावित हिस्से की ओर जाने से साफ तौर पर मना किया गया है। यात्रियों से कहा गया है कि वे जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।

मौसम को देखते हुए बढ़ाई गई सतर्कता

केदारनाथ यात्रा मार्ग बेहद संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान यहां भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल गौरीकुंड गेट से आगे करीब 200 मीटर की दूरी पर भूस्खलन के कारण यात्रा बाधित है। मार्ग बहाली के लिए राहत टीमों की ओर से प्रयास जारी हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे प्रशासन की अनुमति के बिना आगे बढ़ने का प्रयास न करें और आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही केदारनाथ पैदल यात्रा को दोबारा सुचारु किया जाएगा।

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