विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के कैंची धाम पहुंचने की संभावना है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। बाहरी राज्यों और विभिन्न जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है।
अभी से जुटने लगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
15 जून को लगने वाले मेले से करीब एक सप्ताह पहले ही कैंची धाम में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। बाबा नीब करौरी महाराज के भक्त देश के अलग-अलग हिस्सों से धाम पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। पार्किंग, शटल सेवा, ट्रैफिक नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
हल्द्वानी-काठगोदाम रूट से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, एनसीआर, मुरादाबाद, रामनगर और कालाढूंगी की ओर से आने वाले वाहनों को नयागांव तिराहा, नैनीताल तिराहा, लामाचौड़, आरटीओ रोड, पंचायतघर तिराहा, शीतल होटल और तीनपानी तिराहा होते हुए गौलापार-काठगोदाम की ओर भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहनों को रेलवे स्टेशन काठगोदाम और नगर निगम काठगोदाम की पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। वहां से शटल सेवा के जरिए श्रद्धालुओं को कैंची धाम पहुंचाया जाएगा। रामपुर रोड और बरेली रोड से आने वाले वाहनों के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल तक ही अनुमति होगी।
बस और ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
रोडवेज बसों और ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं को हल्द्वानी और काठगोदाम तक पहुंचने के बाद विशेष शटल सेवाओं के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों और वाहनों की व्यवस्था भी की है।
नैनीताल और भीमताल रूट पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
रामनगर, कालाढूंगी और लालकुआं की ओर से आने वाले वाहनों को गौलापार, काठगोदाम और नारीमन तिराहा होते हुए भीमताल भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहनों को विकास भवन भीमताल में पार्क कराया जाएगा। यहां से शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम तक पहुंचाया जाएगा। नैनीताल, ज्योलीकोट, धारी और मुक्तेश्वर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को भवाली स्थित सैनिटोरियम पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा, जहां से शटल सेवा उपलब्ध रहेगी।
अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से आने वालों के लिए खास इंतजाम
अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को खैरना पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम पहुंचाया जाएगा।
वहीं हल्द्वानी से अल्मोड़ा और बागेश्वर जाने वाले वाहनों को भीमताल, खुटानी बैंड, नथुवाखान और रामगढ़ मार्ग से भेजा जाएगा। वापसी में भी इसी मार्ग का उपयोग किया जाएगा।
16 जून तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
मेले को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों के संचालन पर विशेष प्रतिबंध लगाए हैं।
- 13 जून सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों का संचालन बंद रहेगा।
- 14 जून रात 12 बजे से 16 जून रात 11 बजे तक सभी भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
- आवश्यक वस्तुओं जैसे राशन, फल, सब्जियां और दूध की सप्लाई करने वाले वाहनों को 13 जून रात 11 बजे से 14 जून सुबह 4 बजे तक ही अनुमति दी गई है।
- 14 जून सुबह 6 बजे से 16 जून रात 11 बजे तक इन वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और शटल सेवा का लाभ उठाएं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी बल्कि कैंची धाम मेले का आयोजन भी सुरक्षित और सफल बनाया जा सकेगा।