हिमाचल प्रदेश

हिमाचल सरकार 31 मार्च को वाइल्ड फ्लावर हॉल को लेगी अपने कब्जे में, वैश्विक टेंडर जारी करने का फैसला

हिमाचल प्रदेश:-  हिमाचल सरकार 31 मार्च को छराबड़ा स्थित वाइल्ड फ्लावर हॉल को अपने कब्जे में लेगी। इसके बाद फिर लीज पर देने के लिए वैश्विक टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। यह जानकारी हिमाचल के महाधिवक्ता अनूप रतन ने हिमाचल हाईकोर्ट में दी। राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस कंपनी के पास अभी होटल है, वही और तीन महीने होटल चलाने के लिए आवेदन देती है तो सरकार इसकी मंजूरी दे देगी। महाधिवक्ता इस सेटलमेंट के बारे में 25 मार्च को लिखित तौर पर हाईकोर्ट को आवेदन देंगे। वाइल्ड फ्लॉवर को हिमाचल सरकार को सौंपने के मामले में शनिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से कब्जे को सौंपने की समय सीमा 31 मार्च, 2025 निर्धारित की गई है। प्रदेश सरकार इसको अपने अधीन लेने पर काम कर रही है। वाइल्ड फ्लाॅवर ने इस संपत्ति को सरकार को सौंपने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण दल गठित किया गया है। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत कर रही है। अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। ओबराय ग्रुप की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी पेश हुए। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से वाइल्ड फ्लॉवर हॉल के संयुक्त निरीक्षण के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 21 मार्च शाम 5 बजे तक बढ़ाया था।

हिमाचल में पंचायत और साडा क्षेत्रों के लिए अलग वेंडिंग जोन पॉलिसी बनेगी। इसी विधानसभा सत्र में इसे लेकर बिल लाया जाएगा। प्रदेश के नगर निगम क्षेत्रों में केंद्र सरकार का स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू होता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अभी तक कोई एक्ट नहीं है। पंचायतीराज विभाग ने ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे विधानसभा में लाया जाएगा। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शनिवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक विनोद सुल्तानपुरी के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

अनिरुद्ध ने कहा कि हिमाचल में ग्रामीण क्षेत्रों और साडा के लिए वेंडिंग जोन को लेकर कोई नीति नहीं है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्ट्रीट वेंडिंग नीति बनाने जा रही है। सुल्तानपुरी ने कहा कि परवाणू शहर में 1980 से लेकर काम कर रहे तहबाजारियों को नोटिस आ रहे हैं। ऐसे मामलों में ग्रामीण और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस पर अनिरुद्ध ने बताया कि मौजूदा समय में सड़कों पर कोई भी ढारे या फूड वैन खड़ी कर देता है। यदि किसी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग या राज्य मार्ग पर अवैध तौर पर कोई कब्जा करके बैठा है तो संबंधित एसडीएम से इसकी शिकायत करें, कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत और साडा क्षेत्रों के लिए बनने वाली वेंडिंग जोन पॉलिसी में पंचायतों को घुमंतू तहबाजारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी शक्तियां दी जाएंगी। फूड वैन अथवा वेंडिंग जोन में काम करने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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