उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह जनसुनवाई के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने डॉ. निशंक के सामने अपनी समस्या रखी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार उसे धमका रहे हैं और उसके घर पर हमला भी किया गया था। बावजूद इसके पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि कई बार गुहार लगाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल पाया।
पीड़ित की बात सुनने के बाद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से मामले की जानकारी मांगी। शिकायत में लापरवाही की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर रहने की नसीहत दी। वायरल वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि किसी भी क्षेत्र में गुंडागर्दी और दबंगई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कानून का राज कायम रखना प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय हो रहा है या उसे धमकाया जा रहा है तो पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग पूर्व मुख्यमंत्री की सख्त टिप्पणी का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल संबंधित मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि वायरल वीडियो के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।