बन्तोली सड़क हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, डीएम ने दिए आदेश

जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों, परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उपजिलाधिकारी लोहाघाट नीतू डांगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपनी होगी।
बताया जा रहा है कि 19 जून 2026 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर हल्द्वानी से पिथौरागढ़ की ओर जा रही एक टाटा पंच कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन्तोली क्षेत्र के पास अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। हादसा इतना भयावह था कि खाई में गिरने के बाद वाहन में आग लग गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
कार में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे में दो पुरुषों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने, दुर्घटना में किसी प्रकार की तकनीकी खामी, सड़क की स्थिति, चालक की भूमिका अथवा अन्य संभावित कारणों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। प्रशासन का उद्देश्य केवल दुर्घटना के कारणों का पता लगाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी है।
मजिस्ट्रियल जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, संबंधित विभागों से जानकारी तथा अन्य जरूरी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक तरीके से की जाएगी ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।




