देहरादून गुंजन हत्याकांड: शादीशुदा आशिक ने सच्चाई छिपायी, दूरी बनाने पर ले ली जान।

राजधानी के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार पलटन बाजार और मच्छी बाजार उस वक्त दहल उठे, जब दिनदहाड़े गुंजन नाम की युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह महज एक अपराध नहीं, बल्कि झूठे प्यार, धोखे और प्रशासनिक लापरवाही की वह दास्तां है जिसने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार कर दिया है।

अविवाहित होने का नाटक और ब्लैकमेलिंग का जाल

पुलिस की गहराई से की गई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्यारोपी आकाश उर्फ गोलू न केवल शादीशुदा था, बल्कि एक बच्चे का पिता भी था। उसने अपनी पहचान छिपाकर गुंजन को प्रेम जाल में फंसाया। आरोपी बीते तीन साल से गुंजन पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने गुंजन को स्कूटी और मोबाइल फोन दिलाकर अहसानों तले दबाने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही गुंजन को उसकी शादी की सच्चाई पता चली, उसने दूरी बनानी शुरू कर दी। इसी बात से बौखलाए आकाश ने सनक में आकर उसकी हत्या कर दी।

वकीलों का फूटा गुस्सा: कोर्ट परिसर में आरोपी की धुनाई

मंगलवार को जब पुलिस आरोपी आकाश को पेशी के लिए कोर्ट लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद वकीलों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पुलिस कस्टडी में ही आरोपी पर हमला बोल दिया और उसकी जमकर धुनाई की। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और किसी तरह आरोपी को बचाकर कोर्ट रूम के भीतर ले जाया गया।

पुलिस की ‘खूनी’ लापरवाही: शिकायत पर कार्रवाई होती तो बच जाती जान

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल खाकी की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। गुंजन ने अपनी मौत से महज दो दिन पहले (31 जनवरी को) पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी कि आकाश उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। लेकिन चौकी प्रभारी प्रद्युमन नेगी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर पुलिस समय रहते हरकत में आती, तो आज गुंजन जीवित होती। इस घोर लापरवाही के लिए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

SIT का गठन: कड़ी सजा दिलाने की तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में यह टीम वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाएगी। पुलिस का दावा है कि मामले में इतनी मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलना तय होगा।

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