देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदने और जनता को परेशानी में डालने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। डीएम के आदेश पर पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PITCUL) और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही रोड कटिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। शर्तों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
शर्तों की धज्जियां उड़ा रही थी एजेंसियां
पिटकुल ने आराघर सब स्टेशन से माजरा-लालतप्पड़ तक करीब 1996 मीटर लंबी भूमिगत केबल बिछाने के लिए अनुमति ली थी। प्रशासन ने स्पष्ट शर्त रखी थी कि कार्य केवल रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ही होगा। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट थी। दिन के समय भी सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
QRT की जांच में खुली पोल
डीएम के निर्देश पर एसडीएम न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड-माजरा क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि:
-
सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई।
-
ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई थी।
-
अनुमति के समय और स्थान की शर्तों का उल्लंघन किया गया।
कड़ा फरमान: सड़क ठीक करो वरना होगी जेल
जिलाधिकारी ने न केवल काम रुकवाया है, बल्कि पिटकुल और यूपीसीएल के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं:
-
तत्काल बहाली: खोदी गई सभी सड़कों का तुरंत भरान किया जाए और उन्हें पूर्व स्थिति में लाया जाए।
-
मुकदमे की चेतावनी: यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो अधिशासी अभियंता (EE) और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज की जाएगी।