उत्तराखण्ड

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उमड़ा छात्रों का जनसैलाब,

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित कांग्रेस के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस का दावा है कि इस आयोजन में करीब 20 हजार छात्र और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

छात्रों से सीधे संवाद में उठाए अहम मुद्दे

बन्नू ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के अनुभव सुने और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को समान अवसर मिल सके। उन्होंने युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं का किया जिक्र

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए विवादों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं का असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रहे।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार को घेरा

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।

छात्रों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में शामिल कई छात्रों ने कहा कि उन्हें अपनी समस्याओं को सामने रखने का अवसर मिला। कुछ छात्रों ने उम्मीद जताई कि शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने से समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हो सकती है।

उत्तराखंड की राजनीति में भी चर्चा का विषय

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस की ओर से युवाओं और छात्रों तक पहुंच बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दे आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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