उत्तराखण्डहरिद्वार

उत्तराखंड BJP को झटका: प्रमोद खारी ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, बताई बड़ी वजह

उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रमोद खारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक सार्वजनिक पत्र जारी कर अपने निर्णय की जानकारी दी। उनके इस फैसले ने प्रदेश की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और इसे भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। प्रमोद खारी ने अपने त्यागपत्र में स्पष्ट किया कि उनका निर्णय किसी पद, निजी लाभ या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए लिया है। उनके अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते थे।

सोशल मीडिया पर साझा किया इस्तीफे का पत्र

अपने सार्वजनिक पत्र में प्रमोद खारी ने लिखा कि भारी मन से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लेना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन जनहित और अपने नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया।  पत्र में उन्होंने प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड आज बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और बढ़ती अफसरशाही जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनका आरोप है कि आम जनता की समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं सुना जा रहा और युवाओं की उम्मीदें लगातार कमजोर होती जा रही हैं।

बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार को बताया बड़ा मुद्दा

प्रमोद खारी ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लगातार उपेक्षित महसूस हो रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे समय में मौन रहना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल राजनीतिक दल तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश के प्रति भी होता है।

कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जताया आभार

इस्तीफे के साथ प्रमोद खारी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं, मित्रों और समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्हें सभी का सहयोग और स्नेह मिला, जिसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी छोड़ने के बावजूद उनका जनसेवा का संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और विशेष रूप से लक्सर क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और विकास के लिए वे आगे भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते रहेंगे।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

प्रमोद खारी के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाती है और प्रमोद खारी अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति को किस दिशा में लेकर जाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button