पंजाब की सियासत में सोमवार का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों की पटियाला जेल में हुई मुलाकात ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुलाकात के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए अकाली दल और डेरा प्रमुख के बयान पर तीखा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री मान का ‘शायराना’ तंज
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
“कल बन जाएं चाहे आज बन जाएं, अदालतों का वहां रब्ब राखा जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं।”
सीएम मान का यह इशारा सीधे तौर पर डेरा प्रमुख के उस बयान की तरफ था, जिसमें उन्होंने जेल से बाहर आते ही मजीठिया को ‘क्लीन चिट’ देते हुए उनके खिलाफ लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था। मान ने संकेत दिया कि जब प्रभावशाली लोग खुद ही न्याय करने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
डेरा प्रमुख का बयान और फिर मिली जमानत
सोमवार को डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पटियाला जेल में बंद मजीठिया से मिलने पहुंचे थे। जेल परिसर से बाहर निकलते ही उन्होंने मजीठिया का बचाव किया। दिलचस्प बात यह रही कि इस मुलाकात और डेरा प्रमुख के बयान के कुछ ही घंटों बाद सुप्रीम कोर्ट से बिक्रम मजीठिया को ‘आय से अधिक संपत्ति’ (DA Case) के मामले में बड़ी राहत मिल गई और उन्हें जमानत दे दी गई।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। मजीठिया को मिली जमानत और उससे ठीक पहले हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। जहाँ सरकार इसे न्याय प्रणाली के प्रति चुनौती मान रही है, वहीं विपक्षी दल इसे मजीठिया की नैतिक जीत बता रहे हैं।