उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। मंगलौर क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती महिला के साथ एक कथित डॉक्टर द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि निजी अस्पतालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
इंजेक्शन देकर बेहोश किया, फिर की अश्लील हरकत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता मंगलौर के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा रही थी। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर, जिसकी पहचान रिजवान (निवासी मुख्याली खुर्द, लक्सर) के रूप में हुई है, उसने महिला को उपचार के दौरान बेहोशी का एक इंजेक्शन दिया। जैसे ही महिला अर्धमूर्छित अवस्था में पहुंची, आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
होश आते ही पीड़िता ने खोला राज
कुछ समय बाद जब महिला को होश आया और उसे अपने साथ हुई बदसलूकी का एहसास हुआ, तो उसने निडरता दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर बाहर खड़े परिजन तुरंत वार्ड के भीतर पहुंचे। मामला समझते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ।
पुलिस का त्वरित एक्शन: आरोपी सलाखों के पीछे
घटना की सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़िता के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और आरोपी रिजवान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फर्जी डिग्री और अस्पताल की भूमिका पर जांच
पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल आरोपी की योग्यता पर है; पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या रिजवान के पास वैध चिकित्सकीय डिग्री है या वह ‘फर्जी डॉक्टर’ बनकर लोगों की जान और इज्जत से खिलवाड़ कर रहा था। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि उन्होंने बिना वेरिफिकेशन के ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर कैसे रखा।