उत्तराखण्ड

भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुंधाशु त्रिवेदी ने कहा – मुस्लिम समाज तय करे इस्लाम अमल-ए-रसूल है या अमल-ए-बादशाह

देहरादून में आज विश्व संवाद केंद्र के एक कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुंधाशु त्रिवेदी पहुंचे, जहां उन्होंने बयान दिया मुस्लिम समाज को तय करना है कि इस्लाम अमल-ए-रसूल है या अमल-ए-बादशाह। आप मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को मानने वाले हैं या बादशाहों की सियासत में फंसने वाले हैं।

वहीं आजकल भारत में चल रहे ज्ञानवापी मस्जिद मुद्दे पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमारे पुराणों में काशी और ज्ञानवापी दोनों का उल्लेख है। संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देव के दक्षिण भाग में वापी सुशोभित हैं, जिसका जल पीने से पुनर्जन्म नहीं होता है। वहीं मुस्लिम समुदाय में ज्ञान और वापी दोनों शब्दों की परंपरा कहीं नहीं है, साथ ही उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी का विषय हिंदु-मुस्लिम का विषय नहीं है।

राहुल गांधी के बयान की आलोचना

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो पार्टी यह दावा करती है कि उसने भारत की आजादी में अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी, आज जब उसके नेता उन्हीं के देश में जाकर भारत पर लांछन लगाते हैं। यह बहुत दुख की बात है। उन्होंने कहा कि 1995 में नरसिंहा राव सरकार के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के जिनेवा में देश का प्रतिनिधित्व किया था। तब लोगों ने उनसे पूछा था, आप तो विपक्ष के नेता हैं। तब उन्होंने कहा कि हमारा आपस में घनघोर विरोध हो सकता है, लेकिन हम अपने घर के मसले को अपने घर में सुलझाएंगे।

 

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा यह देश में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से आज के मुस्लिम समाज का मुगलों से कोई नाता नहीं है। मुगल वंश की शुरूआत बाबर से होती है, जिसके पिता उज्बेग और मां मंगोल थी। वह दावे के साथ कह सकते हैं कि आज के विज्ञान के हिसाब से जीनोम की स्किवेंसिंग करा ली जाए तो किसी मुस्लिम का उज्बेग और मंगोल डीएनए से कोई कनेक्शन नहीं निकलेगा।

 

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