उत्तराखंड शासन में पदोन्नति के इंतजार में बैठे पीसीएस (PCS) अधिकारियों के लिए आज का दिन निर्णायक साबित होने वाला है। राज्य में वर्ष 2022 के कोटे से रिक्त पड़े दो आईएएस (IAS) पदों को भरने के लिए आज दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के समक्ष विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित हो रही है। इस बैठक के बाद उत्तराखंड को दो नए आईएएस अधिकारी मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
UPSC के सामने 7 अधिकारियों की सूची
राज्य सरकार ने वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर कुल सात पीसीएस अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा है। बैठक में इन नामों पर गहन मंथन होगा:
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भगवत किशोर (दिवंगत)
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बंसीलाल राणा
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नरेंद्र सिंह कुरियाल
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हरक सिंह रावत (दिवंगत)
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भगवान सिंह चलाल
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चंद्र सिंह धर्मशक्तू
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जीवन सिंह नग्नियाल
दिवंगत अधिकारियों के नाम पर फंसा पेंच
इस चयन प्रक्रिया में एक भावुक और तकनीकी पहलू भी जुड़ा है। वरिष्ठता सूची में शीर्ष पर काबिज भगवत किशोर और हरक सिंह रावत का निधन हो चुका है। चूंकि ये अधिकारी वर्ष 2022 की रिक्ति अवधि के दौरान सेवा में थे, इसलिए नियमानुसार उनके नामों पर विचार किया जा रहा है। यदि यूपीएससी मरणोपरांत लाभ नहीं देती है, तो बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुरियाल की पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
सीनियरिटी विवाद और उम्र की चुनौती
पदोन्नति की इस राह में पीसीएस सीनियरिटी विवाद सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है। इसी विवाद के कारण कार्मिक विभाग केवल अनंतिम सूची (Provisional List) ही तैयार कर पाया है। कई अधिकारी 56 वर्ष की आयु सीमा के करीब हैं; अगर डीपीसी में और देरी हुई, तो वे आईएएस बनने की पात्रता खो सकते हैं।
आगामी वर्षों की स्थिति: 2027 तक 14 अवसर
उत्तराखंड में फिलहाल पदोन्नति कोटे के कुल 8 पद खाली हैं, जिनमें 2022 के 2, 2023 के 2 और 2024 के 4 पद शामिल हैं। अनुमान है कि 2027 तक कुल 14 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नत होने का मौका मिल सकता है।