उत्तर प्रदेश

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 2 नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी, 50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री आवास स्थित कालीदास मार्ग पर हुई इस बैठक में सरकार ने विकास, शिक्षा, महिला कल्याण, परिवहन और प्रशासन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें राज्य में नए एक्सप्रेसवे के निर्माण, छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, उच्च शिक्षा के विस्तार, महिला छात्रावास, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

 दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी

योगी सरकार ने प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

प्रयागराज-सोनभद्र एक्सप्रेसवे

पहली बड़ी परियोजना प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे है। इसकी लंबाई करीब 333 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर लगभग 26 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक, व्यापारिक और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

दूसरी परियोजना विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की है। इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 117 किलोमीटर होगी। परियोजना के लिए कुल 9,039 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें करीब 5,628 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च होंगे, जबकि शेष राशि का उपयोग लगभग 1,731 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जैसे जिलों से होकर गुजरने की योजना है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनेगा डायवर्जन

कैबिनेट ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़े एक अन्य प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। प्रस्तावित डायवर्जन की लंबाई करीब 1.18 किलोमीटर होगी। बताया गया कि मूल मार्ग में बड़ी संख्या में मकान आने के कारण रूट में बदलाव की जरूरत पड़ी। हालांकि इस बदलाव के बावजूद परियोजना की लागत में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

🛵 50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के कॉलेजों की शीर्ष पांच छात्राओं को स्कूटी देने का प्रावधान किया गया है। योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार के अनुसार, इस योजना से लगभग 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

🎓 विश्वविद्यालयों में बनेगी शोध पीठ

कैबिनेट ने भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत विश्वविद्यालयों में शोध पीठ स्थापित की जाएंगी। विश्वविद्यालयों को अधिकतम 2 करोड़ रुपये और महाविद्यालयों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक की राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा और उससे मिलने वाले ब्याज का उपयोग शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा CSR और अन्य स्रोतों से भी सहयोग प्राप्त करने की संभावना रखी गई है। प्रस्ताव के तहत 50 वर्ष पुराने कॉलेज और 5 हजार छात्रों की क्षमता वाले संस्थान पात्र माने जाएंगे।

बनारस में बनेगा नया महिला छात्रावास

कैबिनेट बैठक में वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय के लिए नए छात्रावास को भी मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय में पहले से मौजूद छात्रावास की क्षमता करीब 220 छात्राओं की है। अब 2.48 करोड़ रुपये की लागत से 112 छात्राओं की क्षमता वाला नया महिला छात्रावास बनाया जाएगा।3 से 6 अगस्त तक चलेगा विधानसभा का मानसून सत्र

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सरकार अपने विधायी कार्य पूरे करेगी और अनुपूरक बजट भी पेश किए जाने की संभावना है। विपक्ष की ओर से इस सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की जा सकती है। राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी समेत विभिन्न राजनीतिक और कानून-व्यवस्था के मुद्दे सदन में उठाए जाने की संभावना है।

 वाराणसी में बनेगा CM श्रमजीवी छात्रावास

सरकार ने वाराणसी में CM श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह छात्रावास करीब 6 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बनाया जाएगा और इसमें करीब 500 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। झांसी, मेरठ, आगरा और गोरखपुर में ऐसे छात्रावासों के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले दी जा चुकी है।

400 करोड़ से खरीदी जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

कैबिनेट ने परिवहन क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के लिए 220 नई बसें खरीदने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इनमें करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। प्रस्तावित बसों में 50 सीटर और 42 सीटर क्षमता वाली बसें शामिल होंगी।

इसके अलावा आउटसोर्सिंग निगम के पोर्टल और कर्मचारियों के वेतन से जुड़े खर्चों के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि की अदायगी पांच साल बाद से करीब 2 करोड़ रुपये सालाना की दर से किए जाने की योजना है। कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट की इस बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, महिला कल्याण, परिवहन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News