पंजाब

पंजाब में टैक्स बकायेदारों पर बड़ा एक्शन, 13 संपत्तियां होंगी नीलाम

पंजाब सरकार ने कर बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अगस्त महीने में 13 उद्यमियों की संपत्तियों की नीलामी करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित उद्यमी नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपना पूरा बकाया कर जमा कर देते हैं तो उनकी संपत्ति की नीलामी रद्द कर दी जाएगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ कर चोरी और लंबे समय से बकाया कर रखने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने पुराने वैट बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। उन्होंने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के ‘समाधान’ अभियान के तहत अब तक 12 बड़े कर विवादों का सफल निपटारा किया जा चुका है, जबकि चार अन्य मामलों का समाधान अंतिम चरण में है। सरकार का उद्देश्य वर्षों से लंबित कर विवादों का जल्द समाधान कर राजस्व संग्रह को मजबूत करना है। सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले के लंबित कर मामलों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है। सरकार का कहना है कि यह विस्तार पात्र करदाताओं को राहत देने और अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। वित्त मंत्री के अनुसार OTS योजना के तहत अब तक 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 437.51 करोड़ रुपये की कुल कर मांग शामिल है। करदाताओं ने अब तक 167.23 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में कुल 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग की सख्ती के चलते अब तक 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली भी की जा चुकी है। कई करदाताओं ने संपत्ति कुर्की और नीलामी की कार्रवाई शुरू होते ही OTS योजना का लाभ उठाकर अपना बकाया कर जमा करा दिया है। उन्होंने शेष 9,386 पात्र करदाताओं से अपील की कि वे 30 सितंबर से पहले योजना का लाभ अवश्य लें। इस योजना के तहत ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक की छूट के साथ-साथ निर्धारित श्रेणी के अनुसार मूल कर में भी राहत दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि स्वैच्छिक कर भुगतान ही कारोबारियों के लिए सबसे आसान और लाभकारी विकल्प है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि OTS योजना की समय सीमा में किया गया यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों और पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के तहत बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की और नीलामी जैसी सख्त वसूली कार्रवाई तेज करेगा।

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