अंकिता भंडारी मामले को लेकर विपक्षी दलों द्वारा आयोजित ‘महापंचायत’ पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने इस जमावड़े को “अस्तित्व की तलाश में जुटे दलों का अवसरवादी गठबंधन” करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन दलों को जनता के बीच जाने के बजाय अपने ही घर में पंचायत करने की जरूरत है।
CBI जांच पर विपक्ष के ‘दोहरे मापदंड’
मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई (CBI) जांच शुरू हो चुकी है, जिससे विपक्ष पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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विपक्षी दल पहले सीबीआई जांच की सिफारिश पर संशय जता रहे थे।
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अब जब जांच शुरू हो गई है, तो वे जांच की निष्पक्षता पर ही सवाल उठाकर अपनी मंशा उजागर कर रहे हैं।
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विपक्ष का मकसद अंकिता को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस दुखद घटना की आड़ में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराना है।
कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर निशाना
चौहान ने गठबंधन में शामिल दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता सपा और कांग्रेस के “अवसरवादी एजेंडे” को पहचान चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राज्य विरोधी मानसिकता वाली सपा और दुष्प्रचार करने वाली कांग्रेस को वामपंथी दल केवल हवा देने का काम कर रहे हैं।
तुष्टिकरण और कानून व्यवस्था
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) के बयानों पर हमला करते हुए चौहान ने कहा कि एक तरफ जांच की मांग करना और दूसरी तरफ जांच पर सवाल उठाना उनकी संदिग्ध मंशा को दर्शाता है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:
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कानून का राज: कोटद्वार की घटना हो या मसूरी में मजार का विवाद, प्रदेश में कानून अपना काम कर रहा है।
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उकसावे की राजनीति: विपक्षी दल तुष्टिकरण के लिए कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने और लोगों को उकसाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और अंकिता के नाम पर घिनौनी राजनीति करने वालों को जनता खुद सबक सिखाएगी।