अल्मोड़ा जिले के दन्या क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बेटी पर अपनी मां और पति के साथ मिलकर अपने ही पिता की हत्या करने का आरोप लगा है। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं थी, बल्कि पिछले करीब एक महीने से इसकी तैयारी की जा रही थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि अल्मोड़ा आने और वारदात को अंजाम देने के लिए बेटी ने अपने मंगलसूत्र और कान के झुमके बेच दिए, जबकि उसके पति ने अपनी सोने की अंगूठी बेचकर पैसों का इंतजाम किया।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 40 वर्षीय चंद्रशेखर पांडेय के रूप में हुई है। आरोप है कि 20 जून की रात उनकी पत्नी खष्टी देवी, बेटी जानकी और दामाद धर्मवीर शर्मा ने मिलकर उन पर जानलेवा हमला किया। बताया गया कि तीनों ने चंद्रशेखर के सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी भारी वस्तु से लगातार कई वार किए। हमले के बाद आरोपी उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए। हालांकि गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर में उस समय तक सांसें चल रही थीं। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के पिता ने अपनी बहू, पोती और दामाद के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद और घरेलू हिंसा की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि चंद्रशेखर कथित तौर पर शराब के नशे में अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। इसी कारण परिवार में लगातार तनाव बना रहता था।
बताया जा रहा है कि खष्टी देवी अपनी तकलीफ फोन पर अपनी बेटी जानकी को बताती थीं। शादी के बाद हरियाणा में रह रही जानकी अपनी मां की हालत को लेकर काफी परेशान रहने लगी थी। इसी दौरान उसके पति धर्मवीर शर्मा को भी पूरे मामले की जानकारी मिली। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि धर्मवीर ने पहले फोन पर अपने साले को चेतावनी दी थी कि यदि चंद्रशेखर का व्यवहार नहीं बदला तो वह उसे जान से मार देगा। इसके बाद कथित तौर पर तीनों ने हत्या की साजिश बनानी शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्या की योजना करीब एक महीने पहले तैयार की गई थी। अल्मोड़ा आने-जाने और अन्य खर्चों के लिए पैसों की व्यवस्था करने हेतु धर्मवीर ने अपनी सोने की अंगूठी बेच दी, जबकि जानकी ने अपना मंगलसूत्र और कान के झुमके बेच दिए। इसके बाद दोनों हरियाणा से कार लेकर अल्मोड़ा पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपियों की तलाश के लिए उत्तराखंड के अलावा कई अन्य राज्यों में भी छापेमारी की गई। जांच के दौरान हिसार से आरोपियों द्वारा छोड़ी गई कार बरामद हुई। पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन जम्मू-कश्मीर के कटरा में ट्रेस की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अल्मोड़ा लाया गया। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अदालत में उपलब्ध कराए जाने वाले साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।