उत्तराखण्ड

नीति घाटी में खेल और पर्यटन का अनोखा संगम

सीमांत क्षेत्र नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने खेल, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति के अनोखे संगम को नई पहचान दी है। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत ऐसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों के विकास, पर्यटन और रोजगार को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सीमांत गांवों को देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है और नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इसी सोच का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के कारण सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होमस्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा का प्रतीक बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी में शुरू हुआ यह अभियान भविष्य में उत्तराखंड की अन्य सीमांत घाटियों तक भी पहुंचेगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए पर्यटन विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी और स्थानीय लोगों की सराहना की। कार्यक्रम में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के तहत 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारियों ने विजेताओं को सम्मानित किया। आयोजन के अंतिम दिन गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में खेल, पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News