देहरादून में न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताकर एक व्यक्ति को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने तहलका डिजिटल के कथित मालिक अनुज अग्रवाल (46) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर झूठी खबर प्रसारित करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि वह डर के कारण आरोपी के बताए बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा करा चुका था।
पीड़ित की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, तनवीर खान की शिकायत पर 19 अक्टूबर को पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को आईएसबीटी के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अनुज अग्रवाल को पटेलनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर बताया है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की गई।
डायरी में मिला मोबाइल छिपाने का गुप्त स्थान
पुलिस का कहना है कि बरामद डायरी के भीतर मोबाइल फोन छिपाने के लिए एक गुप्त चैंबर बनाया गया था। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई लोगों के गोपनीय वीडियो मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया था। इसके अलावा, पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ देहरादून के साथ मध्य प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और गुजरात में भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पत्नी पूजा ने गिरफ्तारी पर जताई आपत्ति
दूसरी ओर, अनुज अग्रवाल की पत्नी पूजा ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसके पीछे साजिश होने की आशंका जताई है। पूजा का कहना है कि तहलका डिजिटल निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए सत्ता के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ समय पहले तहलका डिजिटल की ओर से प्रसारित ओपिनियन पोल में सरकार के विधायकों की स्थिति को लेकर सवाल सामने आए थे। पूजा ने इसी संदर्भ में गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों और गिरफ्तारी पर पत्नी द्वारा जताई गई आपत्तियों के बीच मामले की जांच जारी है। आरोपी पर लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।