पंतनगर एयरपोर्ट का होगा विस्तार, 387 करोड़ रुपये से बनेगा नया टर्मिनल; बड़े विमानों के संचालन की तैयारी – Parvat Sankalp News

पंतनगर एयरपोर्ट का होगा विस्तार, 387 करोड़ रुपये से बनेगा नया टर्मिनल; बड़े विमानों के संचालन की तैयारी

रुद्रपुर: उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना पर काम चल रहा है। करीब 387 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट का रनवे बढ़ाकर 3,000 मीटर किया जाएगा। इसके साथ ही 8,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नए टर्मिनल भवन का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना पूरी होने के बाद बड़े यात्री विमानों के संचालन और कार्गो सेवाओं की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण को उत्तराखंड के औद्योगिक, कृषि, पर्यटन और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर हवाई संपर्क से यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

524 एकड़ भूमि हस्तांतरित, कुल क्षेत्रफल 794 एकड़

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि की उपलब्धता एक अहम पहलू रही है। राज्य सरकार की ओर से परियोजना के लिए 524 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे पहले एयरपोर्ट के पास लगभग 270 एकड़ भूमि उपलब्ध थी। नई भूमि मिलने के बाद कुल उपलब्ध भूमि बढ़कर 794 एकड़ हो गई है। परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 387 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपी गई है। भूमि उपलब्ध होने से परियोजना को आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है, हालांकि निर्माण की गति आवश्यक स्वीकृतियों और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

रनवे 3,000 मीटर का होगा, नया टर्मिनल भी बनेगा

पंतनगर एयरपोर्ट के निदेशक पवन कुमार के अनुसार, विस्तारीकरण परियोजना के तहत रनवे की लंबाई बढ़ाकर 3,000 मीटर की जाएगी। इसके अलावा 8,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आधुनिक टर्मिनल भवन बनाने की योजना है। रनवे के विस्तार और आधारभूत सुविधाओं के विकास से बड़े यात्री विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे भविष्य में हवाई सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विमानों के वास्तविक संचालन का दायरा तकनीकी मानकों, सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और एयरलाइंस की योजनाओं पर भी निर्भर करेगा।

कार्गो सेवाओं से उद्योग और व्यापार को मिल सकती है गति

पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है। परियोजना के तहत कार्गो विमानों के संचालन की संभावनाएं भी विकसित करने पर जोर है। इससे तराई क्षेत्र के औद्योगिक और कृषि कारोबार को लाभ मिल सकता है। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापारिक सामान की आवाजाही, निवेश और व्यावसायिक यात्राओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है। हालांकि, कार्गो सेवाओं की शुरुआत और उनका वास्तविक दायरा परियोजना के पूरा होने तथा परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।

पर्यावरणीय मंजूरी का इंतजार

फिलहाल परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन को उम्मीद है कि नवंबर में आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी। बारिश के कारण भी निर्माण संबंधी गतिविधियां प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में परियोजना की आगे की समयसीमा स्वीकृतियों और निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति के अनुसार तय होगी। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।

वर्ष 1960 में हुई थी एयरपोर्ट की स्थापना

पंतनगर एयरपोर्ट की स्थापना वर्ष 1960 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में हुई थी। यह लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई यात्रा का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। सीमित आधारभूत सुविधाओं के कारण यहां हवाई सेवाओं का विस्तार अपेक्षाकृत सीमित रहा है। अब प्रस्तावित विस्तारीकरण के जरिए रनवे, टर्मिनल और अन्य सुविधाओं को विकसित करने की तैयारी है। परियोजना पूरी होने पर पंतनगर एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ाने और उत्तराखंड के तराई तथा कुमाऊं क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के अवसर बन सकते हैं। कुल मिलाकर, करीब 387 करोड़ रुपये की यह परियोजना पंतनगर एयरपोर्ट के भविष्य के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, बड़े विमानों और कार्गो सेवाओं का नियमित संचालन कब शुरू होगा, यह पर्यावरणीय मंजूरी, निर्माण की प्रगति और आवश्यक परिचालन अनुमतियों पर निर्भर करेगा।

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