उत्तर प्रदेश

यूपी में 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, CM योगी बोले- जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बन रहा प्रदेश

लखनऊ:-  उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने नई पहल की है। गुरुवार को लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट-2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने यूपी स्टार्टअप मिशन पोर्टल का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम में हुए विस्तार का आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में महज 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। इनमें 8 यूनिकॉर्न भी शामिल हैं।

24,243 DPIIT सत्यापित स्टार्टअप

सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 24,243 DPIIT सत्यापित स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से युवाओं को अपने नए आइडिया और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल मिला है। उन्होंने देश में स्टार्टअप क्षेत्र के विस्तार का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 2014 से पहले देश में करीब 500 स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उनके अनुसार, यह बदलाव युवाओं के सपनों और उनकी उद्यमशीलता को नए अवसर दे रहा है।

107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ से ज्यादा की प्रोत्साहन राशि

कार्यक्रम के दौरान सरकार की ओर से स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया गया। 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। इसके अलावा 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं, 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। सरकार का फोकस प्रदेश में नए उद्यमों को बढ़ावा देने और युवाओं के इनोवेटिव आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है।

‘गड्ढों वाली सड़क और दंगों के लिए जाना जाता था यूपी’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति का जिक्र करते हुए प्रदेश की पुरानी छवि पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश को लेकर देश के दूसरे हिस्सों में अलग तरह की धारणा थी। सीएम योगी ने कहा कि पहले यह कहा जाता था कि जहां से सड़क पर गड्ढे शुरू होते हैं, वहीं से उत्तर प्रदेश शुरू होता है। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में आम लोगों को कर्फ्यू के साए में रहना पड़ता था और पांच वर्षों में करीब 700 दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय रोजगार, इनोवेशन और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा करना भी मुश्किल माना जाता था। अब प्रदेश की तस्वीर बदल रही है और युवा रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं।

’25 करोड़ की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना है’

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को चुनौती के साथ-साथ अवसर भी बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में राजनयिक, एंबेसडर और हाई कमिश्नर प्रदेश में आते हैं और 25 करोड़ की आबादी को लेकर सवाल करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जितनी बड़ी चुनौती है, उतनी ही बड़ी संभावना भी है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी प्रदेश की डेमोग्राफिक डिविडेंड है।

‘नई संस्कृति को मिल रही गति’

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे युवा, प्रतिभाशाली और ऊर्जावान वर्कफोर्स में से एक है। सरकार युवाओं के आइडिया को अवसर, इनोवेशन को प्रोत्साहन और स्टार्टअप को आवश्यक सामर्थ्य उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नए विचार से नया उद्यम और नए उद्यम से रोजगार पैदा हो रहा है। यही बदलाव उत्तर प्रदेश को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ की ओर ले जा रहा है।

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