पंजाब में BJP-SAD गठबंधन का गणित! 21 सीटों पर कांग्रेस-AAP से आगे निकल सकता है वोट

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 2024 लोकसभा चुनाव के विधानसभा-वार आंकड़ों ने इस संभावित गठजोड़ की ताकत को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आंकड़ों के गणित के मुताबिक, अगर BJP और SAD के वोट एक साथ आते हैं तो करीब 21 विधानसभा क्षेत्रों में उनका संयुक्त वोट कांग्रेस या आम आदमी पार्टी (AAP) से अधिक रहा था। हालांकि, यह केवल पिछले चुनाव के आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण है और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का संभावित परिणाम नहीं माना जा सकता। 2024 लोकसभा चुनाव में BJP ने पंजाब की 23 विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे, जबकि SAD नौ विधानसभा क्षेत्रों में सबसे आगे रहा था। यानी दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ने के बावजूद कुल 32 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बढ़त दर्ज कराने में सफल रहे। अब यदि इन दोनों दलों के वोटों को एक साथ रखकर देखा जाए तो कई ऐसी सीटें सामने आती हैं, जहां मुकाबले का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
संभावित गठबंधन को सबसे ज्यादा फायदा उन सीटों पर मिल सकता है जहां BJP का शहरी और व्यापारी वर्ग में प्रभाव है, जबकि SAD का ग्रामीण और पंथक क्षेत्रों में पारंपरिक आधार रहा है। इन दोनों वोट बैंक का संभावित मेल कांग्रेस और AAP के लिए चुनौती बढ़ा सकता है। खासतौर पर मालवा, माझा और दोआबा के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में गठबंधन का वोट गणित काफी मजबूत नजर आता है। खरड़ विधानसभा क्षेत्र में BJP और SAD को मिले वोटों को जोड़ने पर कुल 58,045 वोट बनते हैं, जो कांग्रेस के 46,622 वोट से 11,423 अधिक थे। मानसा में दोनों दलों के संयुक्त 57,918 वोट AAP के 48,008 वोट से 9,910 ज्यादा रहे। वहीं समाना में BJP-SAD के संयुक्त 44,258 वोट AAP के 36,141 वोट से 8,117 अधिक थे। पटियाला ग्रामीण में दोनों दलों का संयुक्त आंकड़ा 45,502 वोट रहा, जो AAP के 37,446 वोट से 8,056 ज्यादा था। मौर में BJP और SAD के 43,237 संयुक्त वोट AAP के 35,211 वोट से आगे रहे। अमृतसर पश्चिम में दोनों दलों के कुल 42,388 वोट कांग्रेस के 35,012 वोट से 7,376 अधिक थे। फगवाड़ा में भी BJP-SAD के संयुक्त 37,000 वोट AAP के 30,349 वोट से 6,651 ज्यादा रहे। अन्य सीटों पर भी यही तस्वीर दिखाई देती है। अटारी में दोनों दलों के संयुक्त 37,897 वोट कांग्रेस के 32,479 से 5,418 अधिक थे। नाभा में 40,543 संयुक्त वोट कांग्रेस के 36,230 से 4,313 आगे रहे। साहनेवाल में BJP-SAD के 60,797 वोट कांग्रेस के 55,541 से 5,256 ज्यादा थे। बलाचौर में भी दोनों दलों के 29,472 वोट कांग्रेस के 22,684 से अधिक रहे।
आनंदपुर साहिब में संयुक्त 42,808 वोट AAP के 39,898 से आगे रहे। दीनानगर में मुकाबला बेहद करीबी था, जहां BJP और SAD के संयुक्त 45,919 वोट कांग्रेस के 45,319 से केवल 600 ज्यादा रहे। इसके अलावा बठिंडा शहर, लंबी, भुच्चो मंडी, बठिंडा ग्रामीण और बुढलाडा जैसे मालवा के क्षेत्रों में भी दोनों दलों का संयुक्त वोट आधार महत्वपूर्ण दिखाई देता है। हालांकि, केवल वोट जोड़ देने से यह तय नहीं होता कि गठबंधन होने पर वही वोट एक पार्टी के पक्ष में पूरी तरह ट्रांसफर हो जाएंगे। 2027 में उम्मीदवारों की लोकप्रियता, स्थानीय नेतृत्व, सीट बंटवारा, किसान और पंथक मुद्दे, बेरोजगारी, शहरी विकास और सत्ता विरोधी रुझान जैसे कई कारक निर्णायक हो सकते हैं। इसके अलावा दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच तालमेल भी गठबंधन की वास्तविक ताकत तय करेगा। इसलिए 2024 के आंकड़े BJP-SAD गठबंधन की संभावित चुनावी क्षमता का संकेत जरूर देते हैं, लेकिन इसे 2027 का पूर्वानुमान नहीं कहा जा सकता। यदि दोनों दल दोबारा साथ आते हैं तो पंजाब की चुनावी राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले की जगह कई सीटों पर सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।




