पंजाब

46 लाख के कर्ज में डूबे किसान का घर सील, भारी पुलिस बल के बीच टूसा में कार्रवाई

लुधियाना ग्रामीण के गांव टूसा में मंगलवार तड़के उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक किसान का मकान कर्ज वसूली की कार्रवाई के तहत सील कर दिया गया। अदालत के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पूरे गांव को घेर लिया और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती देखकर गांव में अफरा-तफरी और चर्चा का माहौल बन गया। शुरुआत में लोगों को कार्रवाई की वजह स्पष्ट नहीं थी, लेकिन बाद में सामने आया कि मामला किसान प्यारा सिंह पर बकाया कर्ज की वसूली से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, प्यारा सिंह, उनकी पत्नी सुरिंदर कौर और परिवार के अन्य सदस्यों पर करीब 32.07 लाख रुपये की वसूली का मामला था। ब्याज और अन्य देनदारियां बढ़ने के बाद बकाया राशि करीब 46.28 लाख रुपये तक पहुंच गई। कर्ज वसूली से जुड़ी कार्रवाई के लिए रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और औथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी।

लुधियाना की अदालत की ओर से सोमवार को मकान खाली कराने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद मंगलवार सुबह प्रशासन और पुलिस की टीम गांव टूसा पहुंची। कार्रवाई के दौरान प्यारा सिंह और उनके परिवार को मकान से बाहर कर दिया गया। परिवार के बाहर आने के बाद अधिकारियों ने मकान पर सरकारी सील लगाई और ताला लगा दिया। कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद कई किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गांव टूसा पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने गांव के आसपास सुरक्षा घेरा बना रखा था, जिसके चलते उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। भारी पुलिस तैनाती के कारण किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्यारा सिंह के परिवार को उम्मीद थी कि किसान संगठन मौके पर पहुंचकर उनका समर्थन करेंगे। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है। बताया गया कि परिवार करीब दो एकड़ जमीन पहले ही बेच चुका था और वर्तमान में ठेके पर जमीन लेकर खेती कर रहा था।

यह मामला एक बार फिर किसानों पर बढ़ते कर्ज के दबाव को लेकर सवाल खड़े करता है। खेती की लागत बढ़ने, बीज, खाद, दवाइयों और अन्य कृषि खर्चों के बीच किसानों के लिए कर्ज की किस्त और ब्याज चुकाना लगातार चुनौती बनता जा रहा है। गांव टूसा में हुई इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि कर्ज का बोझ केवल किसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। मकान सील होने के बाद परिवार के सामने अब रहने और आर्थिक स्थिति संभालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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