अखिलेश यादव का योगी आदित्यनाथ पर पलटवार, बोले- ‘पीडीए’ का मतलब प्रेम, दया और अपनापन

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीडीए को लेकर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने कहा कि एकरंगी सोच रखने वाले लोग पीडीए के बहुरंगी स्वरूप को नहीं समझ सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि घबराहट में पीडीए में ‘पी’ की परिभाषा बदली जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की पीड़ा जितनी बढ़ेगी, पीडीए उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने पीडीए का नया अर्थ बताते हुए कहा कि इसका वास्तविक मतलब प्रेम, दया और अपनापन है।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग को अधिकार समझने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और सरकारी बजट की लूट भाजपा के एजेंडे का हिस्सा बन चुके हैं। अखिलेश ने पीडीए समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अखिलेश यादव का दावा है कि चढ़ावा चोरी में शामिल बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के कथित षड्यंत्र को विफल करने की ताकत केवल समाजवादी पार्टी के पास है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में पीडीए को लेकर भाजपा और सपा के बीच लगातार जुबानी वार-पलटवार जारी है।
क्या बोले थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि समाजवादी पार्टी गिरगिट की तरह रंग बदलती है। उन्होंने दावा किया कि सपा के पीडीए में ‘पी’ का अर्थ एक दिन पाकिस्तान कर दिया जाएगा। योगी ने सपा की तुलना गिद्ध से करते हुए कहा था कि पार्टी के बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा था कि सपा के ‘पी’ का अर्थ पहले पिछड़ा था और बाद में पंडित हो गया। इसी बयान के जवाब में अखिलेश यादव ने पीडीए के ‘पी’ को प्रेम, दया और अपनापन बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा।




