पंजाब विधानसभा में फार्मेसी पेपर लीक पर जोरदार हंगामा, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और सदन के भीतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक काले परने पहनकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ राजनीतिक जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार कांग्रेस विधायकों से शांत होकर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने लगातार प्रदर्शन जारी रहने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी, लेकिन विपक्ष नहीं माना। बढ़ते शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को संबंधित विभागों की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाने से सदन की गरिमा प्रभावित होती है और सभी सदस्यों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
सत्र की शुरुआत में सदन ने नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने भी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि केवल केंद्र सरकार पर सवाल उठाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र स्तर पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं पंजाब सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। हंगामे के बीच शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा विभाग से जुड़ा बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने में प्रदेश के करीब 5,000 शिक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को पूरा करने के साथ-साथ शिक्षा विभाग में नई भर्तियां भी की जाएंगी, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके।




