सुरकंडा के पास भूस्खलन से ढहा पुराना भवन, टला बड़ा हादसा

टिहरी गढ़वाल जिले के सुरकंडा मंदिर के निकट कद्दूखाल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार शाम बड़ा भूस्खलन हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए (चंबा-मसूरी हाईवे) के किनारे स्थित एक पुराना भवन अचानक भरभराकर ढह गया। घटना के समय भवन पूरी तरह खाली था, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। भवन गिरने का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। भूस्खलन के बाद भवन के आसपास मौजूद दो रेस्टोरेंट, कई खोखे और श्रमिकों की झुग्गियां भी खतरे की जद में आ गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों ने पूरे इलाके को अस्थायी रूप से खाली कराकर आवाजाही पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भवन गिरते समय तेज धमाके जैसी आवाज हुई। भवन के साथ लगी कई बड़ी प्लास्टिक पानी की टंकियां भी गहरी खाई में जा गिरीं। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। भूस्खलन के कारण जिस स्थान पर भवन बना था, वहां की जमीन पूरी तरह खिसक गई है। इसके ठीक ऊपर स्थित एक अन्य निर्माण की नींव भी कमजोर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लगातार बारिश जारी रही तो यह भवन भी कभी भी गिर सकता है। इसी कारण प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर लगातार निगरानी शुरू कर दी है।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्षेत्र में एक होटल निर्माण के लिए की जा रही गहरी खोदाई से पहाड़ी का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हुआ था। लगातार बारिश के कारण मिट्टी पानी से भर गई और कमजोर हो चुकी ढलान अचानक खिसक गई, जिससे यह भूस्खलन हुआ। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
भूवैज्ञानिकों और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण कर रही है। निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्थानीय लोगों, व्यापारियों और चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न रुकें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


