उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में लंबे समय से लंबित केंद्रीय विद्यालय (केंद्रीय विद्यालय) की मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर चिन्यालीसौड़ में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना और देहरादून में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में चिन्यालीसौड़ क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं और जनभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी और टिहरी जनपद का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां दोनों जिलों के हजारों लोगों की नियमित आवाजाही रहती है। इसके बावजूद क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा संस्थान का अभाव है।
उन्होंने कहा कि यदि चिन्यालीसौड़ में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना होती है तो उत्तरकाशी और टिहरी के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे पहाड़ी क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और अभिभावकों को भी अपने बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। चौहान ने बताया कि इस मांग को वर्षों से स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और क्षेत्र की जनता लगातार उठाते रहे हैं। सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहां केंद्रीय विद्यालय की स्थापना न केवल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सचिव विद्यालयी शिक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
इसके साथ ही चौहान ने मुख्यमंत्री के समक्ष देहरादून में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे ओबीसी समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देहरादून आते हैं, लेकिन आवास की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार अनुसूचित जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की व्यवस्था है, उसी तर्ज पर ओबीसी विद्यार्थियों के लिए भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास का निर्माण किया जाए। इससे गरीब और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा और उनकी आर्थिक परेशानियां भी काफी हद तक कम होंगी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव समाज कल्याण को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मनवीर सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि दोनों योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि जल्द ही धरातल पर उतरेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विकास कार्यों के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और उनकी सरकार जनहित से जुड़े प्रस्तावों को तेजी से अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से उत्तरकाशी और यमुनोत्री क्षेत्र में पलायन रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से युवाओं का भविष्य मजबूत होगा और पर्यटन सहित स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।