उत्तराखंड पुलिस ने अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने पिछले ढाई वर्षों से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे कांस्टेबल अनिल सिंह को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
लापरवाही का पूरा घटनाक्रम: चमोली ड्यूटी से आज तक का सफर
कांस्टेबल अनिल सिंह की अनुशासनहीनता का सिलसिला अप्रैल 2023 से शुरू हुआ था:
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पहली लापरवाही: 16 अप्रैल 2023 को कांस्टेबल को कानून व्यवस्था की ड्यूटी के लिए जनपद चमोली भेजा गया था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा और 65 दिनों तक गायब रहा।
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दोबारा अनुपस्थिति: जून 2023 में वापस देहरादून लौटने के कुछ ही समय बाद, 1 सितंबर 2023 को कांस्टेबल सुबह की गणना (Roll Call) से फिर से अनुपस्थित हो गया।
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लंबी फरारी: उस दिन के बाद से आज तक कांस्टेबल ने ड्यूटी पर अपनी आमद दर्ज नहीं कराई, जो पुलिस नियमावली का गंभीर उल्लंघन माना गया।
विभागीय जांच में सहयोग न करना पड़ा भारी
एसएसपी के निर्देश पर सीओ लाइन ने इस मामले की गहन विभागीय जांच की। जांच के दौरान कांस्टेबल को पक्ष रखने के कई मौके दिए गए, लेकिन उसने किसी भी स्तर पर जांच में सहयोग नहीं किया। सीओ लाइन की अंतिम रिपोर्ट में कांस्टेबल को कर्तव्य के प्रति लापरवाह और अनुशासनहीन पाया गया, जिसके बाद एसएसपी ने ‘डिस्मिसल’ (Dismissal) का आदेश जारी कर दिया।
एसएसपी का अल्टीमेटम: “वर्दी की गरिमा से समझौता नहीं”
एसएसपी अजय सिंह ने इस कार्रवाई के माध्यम से पूरे महकमे को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा:
“पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है। यहाँ ड्यूटी के प्रति लापरवाही और बिना बताए गायब रहना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर पुलिसकर्मी की जवाबदेही तय है, और भविष्य में भी अनुशासन तोड़ने वालों पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”