पंजाब

बॉडी बिल्डर पवनप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर सल्फास पी, चंडीगढ़ अस्पताल में हुई मौत

प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर और बाउंसर पवनप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर सल्फास पी लिया, जिसके बाद रविवार तड़के 2 बजे चंडीगढ़ के 32 सेक्टर स्थित सरकारी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से उनके प्रशंसकों और गांववासियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

पवनप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध में थे और दोनों ने शादी करने का फैसला किया था। लेकिन 2023 में नशा तस्करी के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रेमिका और उसके परिवार ने उनसे नाता तोड़ लिया। जेल से जमानत पर छूटने के बाद पवनप्रीत ने युवती से शादी करने का प्रयास किया, लेकिन युवती और उसके परिवार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। 27 मार्च को पवनप्रीत अपने परिवार के साथ शादी का प्रस्ताव लेकर युवती के घर गया, लेकिन वहां से उसे निराशा हाथ लगी। शनिवार सुबह वह फिर से युवती के घर के बाहर पहुंचा, लेकिन उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। इस आघात से व्यथित होकर पवनप्रीत ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर सल्फास पी लिया। लाइव वीडियो में पवनप्रीत सिंह ने कहा कि कोई किसी को प्यार मत करना, मैंने किया था और आज मुझे मरना पड़ रहा है। अलविदा। इस दौरान उन्होंने युवती के साथ अपनी तस्वीरें और कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा कर दिए।

घटना के तुरंत बाद गांव के युवा सरपंच ने साहस दिखाते हुए पवनप्रीत को कस्बा सुधार के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से हालत बिगड़ने पर उसे लुधियाना के डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जब लुधियाना में भी उनकी हालत और खराब हो गई तो परिजन उन्हें चंडीगढ़ ले गए, जहां रविवार तड़के 2 बजे उनकी मौत हो गई। थाना सुधार के प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि 27 मार्च को युवती के परिवार ने पवनप्रीत के खिलाफ परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच चल रही थी। अब सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और तस्वीरों की भी जांच की जा रही है। पवनप्रीत के शव को उनके पैतृक गांव मुल्लांपुर लाया गया है। उनके प्रशंसकों और समर्थकों में रोष देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी संभावित हंगामे को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पवनप्रीत सिंह सिर्फ बॉडी बिल्डर और बाउंसर ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का चहेता भी था। वह अकसर बड़ी रैलियों में सैकड़ों युवाओं को ले जाया करता था। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके गांव और आसपास के इलाकों में युवाओं की बड़ी संख्या उनके समर्थन में जुट रही है।

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