पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित बताई जा रही आगामी वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस वेब सीरीज की स्क्रीनिंग और रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। वारिंग का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री समाज में अपराध और हिंसा की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकती है, जिसका नकारात्मक प्रभाव विशेष रूप से युवाओं पर पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में राजा वारिंग ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपराधी या गैंगस्टर के जीवन को मनोरंजन के माध्यम से प्रस्तुत करना समाज के लिए खतरनाक संदेश दे सकता है। उनका मानना है कि ऐसी वेब सीरीज अपराधियों की छवि को आकर्षक बनाकर युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित कर सकती हैं, जिससे सामाजिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
राजा वारिंग ने कहा कि पंजाब पहले ही नशे, गैंगवार और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों का सामना कर चुका है। ऐसे में किसी कुख्यात गैंगस्टर के जीवन को केंद्र में रखकर बनाई गई सामग्री राज्य के सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने इसे पंजाब की शांति, सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय बताया।
अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि वेब सीरीज की सामग्री की गंभीर समीक्षा की जा सके। यदि इसमें अपराध का महिमामंडन पाया जाता है तो इसकी रिलीज और प्रसारण पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। किसी भी प्रकार की ऐसी सामग्री, जो अपराध को गौरवशाली रूप में प्रस्तुत करे या समाज में गलत संदेश फैलाए, उस पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी। वहीं, वेब सीरीज को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर मनोरंजन सामग्री और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज कर दी है।