उत्तराखण्ड

हेमकुंड यात्रा विवाद में गिरफ्तार निहंग सिखों ने रिहाई के बाद किया धन्यवाद

कर्णप्रयाग। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हुए बहुचर्चित झड़प मामले में गिरफ्तार चार निहंग सिखों को जमानत मिलने के बाद शनिवार को वे हिमाचल प्रदेश स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में माथा टेककर अरदास की और अपनी रिहाई के लिए ईश्वर का धन्यवाद किया। इस दौरान विभिन्न सिख संगठनों के पदाधिकारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में संगत भी मौजूद रही।

गौरतलब है कि यह पूरा मामला 16 जून का है, जब हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर कुछ निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार निहंग सिखों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

करीब 11 दिन जेल में रहने के बाद 27 जून को अदालत से चारों आरोपियों को जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वे सीधे हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने अरदास कर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया और शांतिपूर्ण तरीके से आगे की यात्रा शुरू की।

दशमेश तरना दल के मुख्य जत्थेदार बाबा मेजर सिंह सोढ़ी ने बताया कि निहंग सिखों के पांवटा साहिब पहुंचने पर संगत ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में देशभर के विभिन्न सिख संगठनों और खालसा पंथ ने एकजुटता दिखाई और कानूनी लड़ाई में पूरा सहयोग दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों और सभी श्रद्धालु आपसी भाईचारे और शांति के साथ धार्मिक यात्राएं पूरी करें।

रिहा होने के बाद निहंग सिखों ने उन सभी धार्मिक, सामाजिक और सिख संगठनों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके समर्थन में आवाज उठाई और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में अरदास के बाद उन्होंने गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया और इसके बाद पंजाब के लिए रवाना हो गए। फिलहाल कर्णप्रयाग झड़प मामला प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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