लक्सर मामले में याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले के लक्सर कोतवाली में दर्ज एक आपराधिक मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने सचिन कुमार और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। साथ ही याचिकाकर्ताओं को जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुऐब अली ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल की थी। याचिका में 2 सितंबर 2026 को लक्सर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई थी। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) भी लगाई गई थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामला दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है और घटना को लेकर क्रॉस एफआईआर दर्ज हैं। बचाव पक्ष का कहना था कि दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं और याचिकाकर्ताओं को मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। यह भी दलील दी गई कि विवाद अचानक हुई कहासुनी के बाद हुआ था और इसके पीछे किसी पूर्व नियोजित साजिश का आरोप स्थापित नहीं होता। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी बताया गया कि जांच के दौरान SC/ST एक्ट से संबंधित आरोप हटा दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता वीएस पाल ने भी अदालत को बताया कि जांच में उक्त आरोप को हटाया जा चुका है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। अदालत के समक्ष यह तथ्य भी रखा गया कि एक ही घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं और दोनों पक्षों के लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को दोनों पक्षों के बीच अचानक हुए विवाद से जुड़ा माना और फिलहाल याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। हालांकि, अदालत ने जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच और अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई के आधार पर आगे बढ़ेगी।




