रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 29 अगस्त को बादल फटने से उत्पन्न आपदा ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया है। तहसील बसुकेदार के ब्लॉक जखोली के न्याय पंचायत स्यूर क्षेत्र सहित छेनागाड़, बांदर और टेंडवाल गांवों में भारी नुकसान हुआ। इस आपदा में टेंडवाल गांव की एक महिला मलबे में दबकर अपनी जान गंवा चुकी है, जबकि 18 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री और रुद्रप्रयाग जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने शनिवार को प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और स्थानीय परिस्थितियों को नजदीक से देखा।
सरकार की संवेदनशीलता और प्राथमिकताएँ
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, “इस आपदा की घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। प्रशासन और राहत दल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुनर्वास और राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेज़ी से अंजाम दिया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित परिवारों का सुरक्षित पुनर्वास है। सौरभ बहुगुणा ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल की तत्परता की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि सामूहिक प्रयासों और संवेदनशीलता से प्रभावित क्षेत्र जल्द ही सामान्य जीवन की ओर लौटेगा।
राहत और रेस्क्यू कार्य जारी
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है और लापता व्यक्तियों की तलाश में स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम दिन-रात जुटी हुई है। प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्य सामग्री, सुरक्षित आवास और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं, ताकि प्राकृतिक आपदा के बावजूद जीवन को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने यह स्पष्ट किया कि सरकार संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।