रुद्रप्रयाग आपदा: लापता लोगों की तलाश दूसरे दिन भी जारी, DM ने राहत कार्यों की मॉनिटरिंग तेज की

रुद्रप्रयाग ज़िले में हाल ही में आई आपदा से हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। तहसील बसुकेदार क्षेत्र के कई गाँव — तालजमन, छेनागाढ़, स्यूर और लल्लूरी (उच्छोला) — में 29 अगस्त की रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। भारी बारिश से मकान, खेत और अन्य संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुँचा है। प्रशासन लगातार दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहा है, जबकि लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है।

DM ने लगाए नोडल अधिकारी, बनेगी त्वरित रिपोर्ट

जिला अधिकारी प्रतीक जैन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने और राहत कार्यों की गति बढ़ाने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की है। उन्होंने अधिशासी अभियंता (लघु सिंचाई विभाग) को प्रमुख नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अलावा अभियंता, राजस्व उप-निरीक्षक और ग्राम विकास अधिकारियों की कई टीमों को अलग-अलग गाँवों में भेजा गया है।

ज़मीनी स्तर पर उतरी टीमें

  • तालजमन क्षेत्र: यहाँ दो विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पहली टीम का नेतृत्व शैलेन्द्र तोमर और सौरभ गैरोला कर रहे हैं, जबकि दूसरी टीम की जिम्मेदारी ओम प्रकाश और अंकित को दी गई है।
  • छेनागाढ़ क्षेत्र: अनुज भारद्धाज और रजनीश उप्रेती निगरानी कर रहे हैं।
  • स्यूर क्षेत्र: अरुण गुंसाई और संजय बिष्ट को ज़िम्मेदारी दी गई है।
  • उछोला क्षेत्र: सुभाष रावत और सोनु बिष्ट को राहत व आकलन कार्यों की देखरेख सौंपी गई है।

सभी टीमों के साथ स्थानीय राजस्व अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी भी मौजूद हैं, ताकि नुकसान की सही तस्वीर जल्द प्रशासन तक पहुँचे।

DM ने दिए सख्त निर्देश

डीएम प्रतीक जैन ने साफ कहा है कि सभी नोडल अधिकारी प्रभावित इलाकों का दौरा करें और नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि रिपोर्ट समय पर जिला प्रशासन को मिले, ताकि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें। साथ ही, प्रगति की नियमित रिपोर्ट देना भी अनिवार्य किया गया है।

स्थानीय लोग अब भी चिंतित

गाँव के लोगों का कहना है कि बारिश के बाद से स्थिति बेहद भयावह है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। लोग अभी भी अपने लापता परिजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें लगातार खोज और राहत कार्य में लगी हुई हैं, लेकिन लोगों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है।

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